Himachal News: ऊना जिले के हरोली उपमंडल की ग्राम पंचायत हलेड़ा बिलणा में पंचायत चुनाव से ठीक पहले मतदाता सूची में बड़ी गड़बड़ी का मामला सामने आया है। चुनावी प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही कई ग्रामीणों के नाम मतदाता सूची से गायब मिले हैं। इनमें सबसे चौंकाने वाला नाम चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही संभावित महिला प्रत्याशी हरप्रीत कौर का है। इस घटना से ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है और उन्होंने स्थानीय प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
संभावित प्रत्याशी के चुनाव लड़ने पर संकट
पंचायत चुनाव में हिस्सा लेने की तैयारी कर रही हरप्रीत कौर का नाम सूची में न होने से उनके नामांकन पर संकट खड़ा हो गया है। नामांकन पत्र भरने से कुछ समय पहले ही परिवार को इस त्रुटि का पता चला। पूर्व पंचायत समिति सदस्य प्रेम सिंह औजला के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला पंचायत अधिकारी कार्यालय पहुंचकर कड़ा विरोध दर्ज कराया। ग्रामीणों का आरोप है कि यह प्रशासनिक चूक नहीं बल्कि एक सोची-समझी राजनीतिक साजिश हो सकती है।
प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल
प्रतिनिधिमंडल ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। महिला के पति हरप्रीत सिंह ने बताया कि उनकी पत्नी का नाम 2020 की वोटर लिस्ट में शामिल था और उन्होंने पिछले चुनावों में मतदान भी किया था। अचानक नाम हटाए जाने को लेकर ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो वे उग्र प्रदर्शन करेंगे। जरूरत पड़ने पर वे इस मामले को लेकर न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाएंगे।
अधिकारियों ने पल्ला झाड़ा, उच्च अधिकारियों पर डाला मामला
इस पूरे प्रकरण पर जिला पंचायत अधिकारी श्रवण कुमार ने स्वीकार किया कि मामला उनके संज्ञान में आ चुका है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान स्थिति में स्थानीय स्तर पर मतदाता सूची में किसी भी प्रकार का संशोधन संभव नहीं है। विभाग का कहना है कि इस संबंध में उच्च अधिकारियों को पूरी स्थिति से अवगत करवा दिया गया है। अब इस पर अंतिम निर्णय और आगे की कार्रवाई केवल उच्च स्तर से ही तय की जाएगी, जिससे ग्रामीणों का गुस्सा और बढ़ गया है।
पारदर्शिता और चुनावी निष्पक्षता पर उठ रहे सवाल
पंचायत चुनावों में इस तरह की गड़बड़ी ने पूरी चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवालिया निशान लगा दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि कई अन्य मतदाताओं के नाम भी काटे गए हैं, जिससे वे अपने लोकतांत्रिक अधिकार से वंचित हो सकते हैं। स्थानीय प्रतिनिधियों ने मांग की है कि किसी भी व्यक्ति को चुनावी प्रक्रिया से बाहर करने के लिए प्रशासनिक मशीनरी का दुरुपयोग नहीं होना चाहिए। इस मुद्दे ने पूरे हरोली क्षेत्र के राजनीतिक माहौल में काफी तनाव पैदा कर दिया है।
ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी
हलेड़ा बिलणा के लोगों ने साफ कर दिया है कि वे अपने अधिकारों के लिए लड़ाई जारी रखेंगे। उनका कहना है कि अगर मतदाता सूची में नाम दोबारा शामिल नहीं किए गए, तो चुनावी निष्पक्षता खत्म हो जाएगी। ग्रामीणों ने प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि वे किसी भी कीमत पर साजिश को सफल नहीं होने देंगे। फिलहाल, पंचायत अधिकारी कार्यालय में हुई इस गहमागहमी के बाद प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है। अब सभी की नजरें उच्च अधिकारियों के आगामी निर्देशों पर टिकी हैं।


