West Bengal News: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद नई भाजपा सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है। राज्य विधानसभा में बुधवार को नवनिर्वाचित विधायकों के शपथ ग्रहण का महत्वपूर्ण कार्यक्रम शुरू हुआ। पहले दिन मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी सहित सत्ता पक्ष और विपक्ष के कुल 144 विधायकों ने सदन की सदस्यता की शपथ ली। प्रोटेम स्पीकर तापस राय ने सभी नवनिर्वाचित सदस्यों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।
कैबिनेट मंत्रियों और प्रमुख चेहरों ने ली शपथ
सदन की कार्यवाही के दौरान सबसे पहले मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने शपथ ली। उनके साथ कैबिनेट के पांच प्रमुख मंत्रियों दिलीप घोष, अग्निमित्रा पाल, अशोक कीर्तनिया, खुदी राम टुडु और निशिथ प्रमाणिक ने भी शपथ ग्रहण की। इस दौरान आरजी कर पीड़िता की मां रत्ना देबनाथ और संदेशखाली आंदोलन का चेहरा रहीं रेखा पात्र का शपथ लेना आकर्षण का केंद्र रहा। इसके अलावा विपक्षी दलों के वरिष्ठ नेता बिमान बनर्जी और नौशाद सिद्दीकी भी सदन के सदस्य बने।
विभिन्न भाषाओं में गूंजी शपथ की आवाज
विधायकों के शपथ ग्रहण समारोह में भाषाई विविधता की झलक देखने को मिली। अधिकांश विधायकों ने बांग्ला और अंग्रेजी में शपथ ली, लेकिन उत्तर बंगाल के कूचबिहार क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने राजबंशी भाषा को चुना। कालचीनी से भाजपा विधायक विशाल लामा ने नेपाली भाषा में शपथ लेकर अपनी सांस्कृतिक पहचान को प्राथमिकता दी। वहीं, नागराकाटा के विधायक पूना भेंगरा ने हिंदी में शपथ ग्रहण की। विधानसभा में भाषाई समावेशिता का यह दृश्य काफी प्रभावशाली रहा।
शुक्रवार को होगा विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव
प्रोटेम स्पीकर तापस राय ने मीडिया को जानकारी दी कि गुरुवार को शेष 146 विधायक शपथ लेंगे। इसके बाद शुक्रवार, 16 मई को विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) पद के लिए चुनाव आयोजित किया जाएगा। राज्य की कुल 294 सीटों में से फिलहाल 290 विधायक ही शपथ लेंगे, क्योंकि फलता सीट पर चुनाव रद्द है और दो नेता दो-दो सीटों से विजयी हुए हैं। शनिवार तक सदन की गठन प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद जताई जा रही है।

