Mumbai News: टाटा ग्रुप की दिग्गज कंपनी टाटा पावर के शेयरों के लिए बुधवार का दिन काफी निराशाजनक रहा। चौथी तिमाही (Q4) के कमजोर वित्तीय नतीजों के सार्वजनिक होने के बाद बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) में कंपनी के शेयर करीब 7 फीसदी लुढ़क कर 390.95 रुपये के स्तर पर आ गए। वित्त वर्ष 2026 की आखिरी तिमाही में कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ (Consolidated Profit) सालाना आधार पर 4 फीसदी गिरकर 996 करोड़ रुपये रहा है, जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि में यह आंकड़ा 1,043 करोड़ रुपये था।
रेवेन्यू में 13% की कमी लेकिन इबिट्डा में सुधार
टाटा पावर के राजस्व (Revenue) के मोर्चे पर भी गिरावट दर्ज की गई है। मार्च 2026 को समाप्त हुई तिमाही में ऑपरेशंस से मिलने वाला रेवेन्यू 13 फीसदी घटकर 14,900 करोड़ रुपये रह गया, जो पिछले साल 17,096 करोड़ रुपये था। हालांकि, राजस्व में इस कमी के बावजूद कंपनी का इबिट्डा (EBITDA) 10 फीसदी बढ़कर 4,216 करोड़ रुपये रहा। कंपनी के सौर ऊर्जा और रिन्यूएबल एनर्जी सेगमेंट ने बेहतर प्रदर्शन किया है। वित्त वर्ष 2026 में सोलर मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस का मुनाफा दोगुना होकर 857 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया है।
ब्रोकरेज हाउसों की मिली-जुली प्रतिक्रिया
टाटा पावर के भविष्य को लेकर दिग्गज ब्रोकरेज फर्मों की राय बंटी हुई नजर आ रही है। ग्लोबल ब्रोकरेज गोल्डमैन सैक्स ने स्टॉक पर ‘सेल’ रेटिंग बरकरार रखते हुए 300 रुपये का लक्ष्य दिया है। इसके विपरीत, घरेलू ब्रोकरेज मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज ने शेयर पर ‘बाय’ रेटिंग देते हुए 490 रुपये का टारगेट सेट किया है। मोतीलाल ओसवाल का मानना है कि कंपनी के शेयरों में अभी 17 फीसदी तक की बढ़त की संभावना है। वहीं, जेएम फाइनेंशियल ने भी खरीदारी की सलाह देते हुए 485 रुपये का लक्ष्य दिया है।
5 वर्षों में दिया 280% से अधिक का रिटर्न
भले ही अल्पकालिक नतीजों के कारण शेयरों में गिरावट आई हो, लेकिन लंबी अवधि में टाटा पावर ने निवेशकों को मालामाल किया है। पिछले 5 वर्षों में कंपनी के शेयर 280 फीसदी से ज्यादा उछले हैं। मई 2021 में जो शेयर 101.50 रुपये पर था, वह मई 2026 तक 390.95 रुपये पर पहुंच गया है। पिछले 4 साल में इसमें करीब 80 फीसदी की तेजी आई है। वर्तमान में टाटा पावर के शेयरों का 52 हफ्ते का उच्च स्तर 464.80 रुपये और निचला स्तर 342.35 रुपये बना हुआ है।

