IPL 2026 News: इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 में सनराइजर्स हैदराबाद की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। गुजरात टाइटन्स के खिलाफ मिली करारी शिकस्त के बाद अब कप्तान पैट कमिंस पर बीसीसीआई ने गाज गिराई है। धीमी ओवर-रेट के कारण कमिंस पर 12 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। आईपीएल आचार संहिता के अनुच्छेद 2.22 के तहत यह इस सीजन का उनका पहला अपराध है। मैदान पर हार के साथ वित्तीय दंड ने हैदराबाद की चिंता बढ़ा दी है।
हैदराबाद की बल्लेबाजी ताश के पत्तों की तरह बिखरी
मैच की बात करें तो गुजरात टाइटन्स ने हैदराबाद को 82 रनों के विशाल अंतर से हराया। 169 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी हैदराबाद की टीम महज 86 रनों पर ढेर हो गई। गुजरात के गेंदबाजों ने दूसरी पारी में बेहद आक्रामक रुख अपनाया। हैदराबाद का शीर्ष क्रम ढहते ही मध्य क्रम पूरी तरह दबाव में आ गया। ताश के पत्तों की तरह विकेट गिरते रहे और टीम को सीजन की सबसे शर्मनाक हार झेलनी पड़ी।
कागीसो रबाडा और जेसन होल्डर का घातक स्पैल
गुजरात टाइटन्स की जीत के असली नायक कागीसो रबाडा और जेसन होल्डर रहे। दोनों तेज गेंदबाजों ने तीन-तीन विकेट चटकाकर हैदराबाद की कमर तोड़ दी। नरेंद्र मोदी स्टेडियम में मेजबान टीम ने एकतरफा प्रदर्शन किया। इस जीत के साथ शुभमन गिल की कप्तानी वाली टीम अंक तालिका में शीर्ष पर पहुंच गई है। शुरुआती सात मैचों में से चार हारने के बाद गुजरात ने जबरदस्त वापसी की है। टीम अब लगातार पांच मैच जीतकर खिताब की प्रबल दावेदार बन गई है।
वॉशिंगटन सुंदर ने संभाली गुजरात की पारी
गुजरात की बल्लेबाजी के दौरान वॉशिंगटन सुंदर ने संकटमोचक की भूमिका निभाई। उन्होंने शानदार अर्धशतक जड़ा और साई सुदर्शन के साथ 60 रनों की अहम साझेदारी की। एक समय गुजरात ने 64 रनों पर चार विकेट गंवा दिए थे। सुंदर की पारी ने टीम को 160 के पार पहुंचाया। मैच के बाद सुंदर ने टीम प्रबंधन की स्पष्ट रणनीति की सराहना की। उन्होंने कहा कि अत्यधिक प्रयोग करने के बजाय अपनी लय बनाए रखना जीत के लिए सबसे महत्वपूर्ण साबित हुआ।
गुजरात टाइटन्स की निरंतरता का राज
स्टार स्पोर्ट्स से बातचीत में सुंदर ने कहा कि इस सीजन में मुकाबला बेहद कड़ा रहा है। हर टीम दूसरी टीम को कड़ी टक्कर दे रही है। ऐसे में लगातार पांच मैच जीतना टीम की मानसिक मजबूती को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि प्रबंधन ने खिलाड़ियों को अपनी भूमिकाओं के प्रति स्पष्टता दी है। इसी स्पष्टता और निरंतरता के कारण टीम दबाव की स्थिति में भी बेहतर खेल दिखा रही है। गुजरात अब प्लेऑफ की ओर मजबूती से कदम बढ़ा चुकी है।

