Himachal News: हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के नादौन क्षेत्र से मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां दो नाबालिग बच्चियों के साथ बाल विवाह और यौन शोषण जैसी जघन्य वारदात को अंजाम दिया गया। इस संगीन मामले का खुलासा तब हुआ जब एक स्थानीय अस्पताल में बच्चियों का मेडिकल चेकअप हुआ। डॉक्टरों की सतर्कता और समय पर पुलिस को दी गई सूचना ने इस काले कारनामे की कलई खोल दी।
अस्पताल की सतर्कता से बेनकाब हुआ जघन्य अपराध
नादौन क्षेत्र की इस घटना ने पूरे हिमाचल को स्तब्ध कर दिया है। पीड़ित लड़कियों में से एक बिहार की रहने वाली है, जबकि दूसरी स्थानीय क्षेत्र से संबंधित है। अस्पताल में जांच के दौरान डॉक्टर ने बच्चियों की शारीरिक स्थिति देख तुरंत अनहोनी की आशंका जताई। इसके बाद पुलिस को इस यौन शोषण और अवैध विवाह की जानकारी दी गई। स्वास्थ्य विभाग की इस सक्रियता के कारण ही अपराधियों का यह षडयंत्र सार्वजनिक हो पाया।
एडिशनल एसपी ने दी कड़े कानूनी एक्शन की जानकारी
हमीरपुर के एडिशनल एसपी राजेश उपाध्याय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। नादौन पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 64 (2), 65 (2) और पोक्सो (POCSO) एक्ट के तहत कड़ा मामला दर्ज किया है। इसके अलावा आरोपियों के खिलाफ बाल विवाह निषेध अधिनियम की धाराएं भी जोड़ी गई हैं। पुलिस इस संवेदनशील मामले की हर कड़ी को जोड़ने के लिए अपनी जांच काफी तेज कर चुकी है।
चाइल्ड वैल्फेयर कमेटी ने संभाली पीड़िताओं की कमान
शुक्रवार को नादौन पुलिस ने दोनों पीड़िताओं को जिला चाइल्ड वैल्फेयर कमेटी के समक्ष पेश किया। इस दौरान कमेटी के अध्यक्ष मनीष राणा और अन्य विशेषज्ञों की टीम ने बच्चियों की मानसिक स्थिति का जायजा लिया। काऊंसलर दिनेश कुमार और को-ऑर्डिनेटर मनोरमा लखनपाल ने लड़कियों को मनोवैज्ञानिक संबल प्रदान किया। पुलिस विभाग की महिला अधिकारियों ने भी इस पूरी कानूनी और सुरक्षात्मक प्रक्रिया में प्रशासन का भरपूर सहयोग किया।
कोर्ट में दर्ज होंगे बयान और वन स्टॉप सैंटर में सुरक्षा
चाइल्ड वैल्फेयर कमेटी के अध्यक्ष ने बताया कि पीड़िताओं की विस्तृत काऊंसलिंग पूरी हो चुकी है। शनिवार को दोनों बच्चियों के बयान अदालत में दर्ज करवाए जाएंगे ताकि दोषियों को सख्त सजा मिल सके। सुरक्षा और मानसिक शांति के लिए फिलहाल पीड़िताओं को ‘वन स्टॉप सैंटर’ भेज दिया गया है। पुलिस अब उन सभी चेहरों की पहचान करने में जुटी है जिन्होंने इन अबोध बच्चियों के भविष्य के साथ यह खिलवाड़ किया।


