Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया को लेकर बड़ा कदम उठाया है। अदालत ने राज्य के 151 सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए होने वाली छंटनी परीक्षा पर अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया है। हालांकि कोर्ट ने परीक्षा के आयोजन पर रोक नहीं लगाई है। लेकिन अदालत की पूर्व अनुमति के बिना इस परीक्षा का अंतिम परिणाम घोषित नहीं किया जा सकेगा। यह फैसला शिक्षकों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
अदालत की सख्त हिदायत और छूट
न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश रंजन शर्मा की खंडपीठ इस गंभीर मामले की सुनवाई कर रही है। हिमाचल प्रदेश ज्वाइंट टीचर्स फ्रंट ने हाई कोर्ट में यह याचिका दायर की थी। कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा है कि प्रतिवादी अपना काम जारी रख सकते हैं। अदालत ने राज्य सरकार को शिक्षकों की अन्य शिकायतों पर उचित निर्णय लेने की छूट प्रदान की है। वर्तमान मामले का सरकार के उचित फैसलों पर कोई भी प्रभाव नहीं पड़ेगा।
सीबीएसई मान्यता और शिक्षकों का कड़ा विरोध
राज्य सरकार ने प्रदेश के 151 सरकारी स्कूलों को सीबीएसई की मान्यता दिलवाई है। इन स्कूलों में योग्य शिक्षकों की तैनाती बहुत ज्यादा जरूरी है। इसके लिए हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के माध्यम से छंटनी परीक्षा करवाई जा रही है। लेकिन शिक्षकों का एक बड़ा वर्ग इस नई व्यवस्था से नाराज है। ज्वाइंट टीचर्स फ्रंट ने इसी परीक्षा के कड़े विरोध में अदालत का दरवाजा खटखटाया है। अब सभी को हाई कोर्ट के अंतिम फैसले का इंतजार है।
