Himachal News: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में मुख्य सड़क धंसने से बड़ा विवाद उत्पन्न हो गया है। धर्मपुर क्षेत्र में सड़क टूटने के कारण भारी वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप है। इस समस्या को लेकर पूर्व मंत्री के बेटे और भाजपा नेता रजत ठाकुर का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के दफ्तर पहुंचकर अधिशासी अभियंता के साथ बेहद तीखी बहस की। यह घटना अब पूरे राज्य में राजनीतिक और प्रशासनिक चर्चा का एक अहम विषय बन चुकी है।
मकान निर्माण के कारण धंसी मुख्य सड़क
धर्मपुर क्षेत्र में सरकाघाट-धर्मपुर मुख्य मार्ग पर कैंची मोड़ के पास मकान का निर्माण चल रहा था। सुरक्षा के लिए वहां क्रेट वॉल बनाई जा रही थी। इसके लिए सड़क किनारे गहरी नींव खोदी गई थी। भारी खुदाई के कारण सड़क किनारे लगा डंगा अचानक नीचे गिर गया। डंगा गिरने से मुख्य सड़क का बड़ा हिस्सा बुरी तरह टूट गया। फिलहाल इस मार्ग पर केवल छोटे वाहन ही किसी तरह मुश्किल से गुजर पा रहे हैं।
अधिशासी अभियंता के दफ्तर में भारी हंगामा
सड़क बंद होने से नाराज भाजपा नेता रजत ठाकुर समर्थकों के साथ लोक निर्माण विभाग के दफ्तर पहुंच गए। उन्होंने अधिशासी अभियंता के कार्यालय का घेराव किया और कड़ा विरोध जताया। रजत ठाकुर ने अधिकारी से पूछा कि दो दिन से सड़क बंद होने पर क्या कार्रवाई हुई है। उन्होंने अधिकारी पर एसी वाले कमरे में आराम से बैठने का तीखा आरोप लगाया। रजत ने सख्त चेतावनी दी कि शाम तक हर हाल में इस मुख्य मार्ग को बहाल किया जाए।
अधिकारी का जवाब और वायरल हुआ वीडियो
भाजपा नेता के तीखे सवालों पर एक्सईएन ने अपना स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने बताया कि सड़क तोड़ने वालों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवा दी गई है। लोगों की सुविधा के लिए एक वैकल्पिक मार्ग भी खोल दिया गया है। दूसरी तरफ, रजत ठाकुर ने इस पूरी बहस का सात मिनट का वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया है। इस वायरल वीडियो में वह अपने समर्थकों के साथ अधिकारी को खूब खरी-खोटी सुनाते हुए स्पष्ट नजर आ रहे हैं।
फंड डायवर्ट करने का लगा गंभीर आरोप
हंगामे के दौरान रजत ठाकुर ने लोक निर्माण विभाग पर कई अन्य गंभीर आरोप भी लगाए। उन्होंने एक्सईएन से कहा कि केंद्र सरकार से विकास के लिए आए धन को डायवर्ट किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग केवल अपने चहेते ठेकेदारों को ही टेंडर और पैसों का भुगतान कर रहा है। भाजपा नेता ने कड़ी चेतावनी दी कि राज्य में सत्ता परिवर्तन होने पर इन सभी वित्तीय अनियमिताओं की गहराई से और पूरी तरह निष्पक्ष जांच करवाई जाएगी।
