Mumbai News: महाराष्ट्र के मंत्री गिरीश महाजन के साथ मुंबई के वर्ली इलाके में हुई बदसलूकी की घटना पर अब उनकी प्रतिक्रिया सामने आई है। भारतीय जनता पार्टी की महिला मोर्चा द्वारा महिला आरक्षण को लेकर निकाली गई रैली के दौरान एक महिला मंत्री पर बुरी तरह भड़क गई थी। उसने ट्रैफिक जाम से परेशान होकर मंत्री को वहां से जाने के लिए कह दिया था। इस विवाद पर अब गिरीश महाजन ने कहा कि महिला का गुस्सा जायज था लेकिन उसकी भाषा अनुचित रही।
हालांकि मंत्री ने इस दौरान विपक्षी दलों को भी जमकर घेरा। उन्होंने कहा कि हजारों महिलाएं केवल इसलिए मुंबई, दिल्ली और लखनऊ की सड़कों पर उतर रही हैं क्योंकि विरोधियों ने संसद में महिला आरक्षण बिल को पास नहीं होने दिया। महिलाओं के मन में इस बात को लेकर गहरी नाराजगी व्याप्त है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसी आक्रोश के चलते रैली में भारी भीड़ उमड़ी थी।
ट्रैफिक जाम ने बिगाड़ा माहौल, महिला ने निकाला गुस्सा
बीजेपी की इस विशाल रैली में बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं जिसके कारण वर्ली क्षेत्र में यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आम नागरिकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। इसी दौरान भीषण जाम में फंसी एक स्थानीय महिला अपना आपा खो बैठी। उसने मंत्री गिरीश महाजन को देखते ही अपनी भड़ास निकालनी शुरू कर दी और गुस्से में उन्हें वहां से जाने को कहा।
गिरीश महाजन ने इस घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि महिला ने उस समय अपने सामने जो समस्या देखी उसी पर तत्काल प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने माना कि ट्रैफिक की परेशानी से कोई भी व्यथित हो सकता है। लेकिन उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सार्वजनिक रूप से किसी के साथ भी ऐसी असंसदीय भाषा का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए था। भाषा की मर्यादा बनाए रखना आवश्यक है।
महिला ने फेंकी पानी की बोतल, पुलिस ने रखा संयम
मंत्री गिरीश महाजन ने घटना के विस्तृत ब्यौरे साझा करते हुए बताया कि उस महिला का गुस्सा इस कदर बढ़ गया था कि उसने पुलिसकर्मियों के साथ भी दुर्व्यवहार किया। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारी उसे समझाने का प्रयास कर रहे थे लेकिन वह लगातार भड़की रही। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब महिला ने आवेश में आकर वहां एक पानी की बोतल फेंक दी। इसके बावजूद पुलिस ने पूरा धैर्य बनाए रखा और मामले को शांत कराया।
गिरीश महाजन ने आगे कहा कि उस महिला की अभद्र भाषा सुनकर रैली में शामिल बीजेपी की महिला कार्यकर्ता भी काफी आक्रोशित हो उठी थीं। लेकिन उन्होंने तुरंत हस्तक्षेप कर सभी को शांत रहने का निर्देश दिया। उन्होंने अपनी कार्यकर्ताओं से कहा कि कोई भी उस महिला को कुछ नहीं कहेगा और न ही किसी तरह की प्रतिक्रिया देगा। इसके साथ ही उन्होंने उसी समय महिला से माफी भी मांग ली।
मंत्री बोले- शिकायत करनी चाहिए थी, बदसलूकी गलत
मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने पीड़ित महिला को तुरंत आश्वासन दिया था कि जल्द से जल्द रैली आगे बढ़ेगी और ट्रैफिक को क्लियर कराया जाएगा। उन्होंने इस बात पर अफसोस जताया कि अगर किसी को ट्रैफिक से परेशानी हो रही थी तो उसे औपचारिक रूप से शिकायत दर्ज करानी चाहिए थी। महाजन ने जोर देकर कहा कि गुस्से में आकर अनुचित भाषा का प्रयोग करना या पुलिस से बदसलूकी करना किसी भी सूरत में सही नहीं ठहराया जा सकता।
हालांकि उन्होंने राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में इसे सामान्य घटना करार दिया। गिरीश महाजन के अनुसार जब महिलाएं अपने हक के लिए इस तरह का मोर्चा निकालती हैं तो गुस्सा स्वाभाविक होता है। उन्होंने कहा कि आंदोलनों के दौरान कभी-कभी इस तरह की छोटी-मोटी अप्रिय घटनाएं हो जाती हैं। फिर भी उन्होंने यह आश्वासन दिया कि भविष्य में ऐसे आयोजनों को और अधिक अनुशासित तरीके से संभालने का प्रयास किया जाएगा।
वडेट्टीवार पर तंज, विपक्ष को आत्ममंथन की सलाह
इस पूरे प्रकरण पर विपक्षी दलों की प्रतिक्रियाओं पर पलटवार करते हुए गिरीश महाजन ने कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि यह पूरा कार्यक्रम महिला सशक्तिकरण का मोर्चा था जिसमें भारी भीड़ जुटी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि विपक्षी नेताओं को गंभीरता से आत्ममंथन करना चाहिए कि उनके द्वारा आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों में जनता की इतनी भागीदारी क्यों नहीं होती है।
महाजन ने विपक्ष पर यह भी आरोप लगाया कि उनके नेता सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने की बजाय केवल बंद कमरों में बैठकें करना पसंद करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे बंद दरवाजों के आयोजनों में जनता की सहभागिता नगण्य ही रहती है। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने की बात कही कि नासिक के कथित धर्मांतरण मामले पर राज्य के मुख्यमंत्री स्वयं गंभीर नजर बनाए हुए हैं और उचित कार्रवाई की जाएगी।
