West Bengal & Tamil Nadu News: निर्वाचन आयोग ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन यानी ईवीएम की सुरक्षा और उसकी गोपनीयता को लेकर बेहद कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी जारी की है कि यदि कोई भी व्यक्ति वोटिंग मशीन के किसी बटन पर इत्र, गोंद, टेप या इसी प्रकार का कोई अन्य रासायनिक पदार्थ लगाता है तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। इस कृत्य को ईवीएम के साथ गंभीर छेड़छाड़ की श्रेणी में रखा गया है। गौरतलब है कि कल यानी तेईस अप्रैल को पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु राज्यों में पहले चरण का मतदान होना निर्धारित है।
पिछले कुछ समय से ऐसी खबरें लगातार सामने आ रही थीं कि विभिन्न राजनीतिक दलों के कुछ कार्यकर्ता मतदान के दौरान चोरी-छिपे ईवीएम के बटन पर इत्र या गोंद लगा देते हैं। इनका उद्देश्य बाद में यह जांचना होता था कि उनके द्वारा डाला गया वोट सही दल या उम्मीदवार के पक्ष में गया है या नहीं। इस गड़बड़ी को रोकने के लिए चुनाव आयोग ने सभी पीठासीन अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्हें हर थोड़ी देर में बैलेट यूनिट की भौतिक जांच करने का निर्देश दिया गया है।
दोषी पाए जाने पर दोबारा मतदान का प्रावधान
यदि मतदान केंद्र पर किसी भी ईवीएम के बटन पर स्याही, रंग, इत्र या किसी अज्ञात रसायन की मौजूदगी पाई गई तो उसे एक गंभीर चुनावी अपराध माना जाएगा। ऐसी स्थिति में संबंधित मतदान केंद्र पर चुनाव प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जा सकता है। आयोग उस केंद्र पर दोबारा मतदान यानी री-पोल कराने का आदेश दे सकता है। यह कार्रवाई भारतीय चुनावी कानून के तहत की जाएगी और इसे न केवल अनुचित प्रभाव बल्कि चुनाव प्रक्रिया की पवित्रता भंग करने का प्रयास समझा जाएगा। दोषी के खिलाफ कठोर कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए मंगलवार की शाम छह बजे चुनाव प्रचार का शोर पूरी तरह से थम गया। अब राजनीतिक दलों की सारी कवायद सिर्फ मतदान के दिन तक सीमित रह गई है। पहले चरण में राज्य के कुल सोलह जिलों की एक सौ बावन विधानसभा सीटों पर मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। इस चरण में कुल एक हजार चार सौ अठहत्तर उम्मीदवारों का चुनावी भाग्य दांव पर लगा हुआ है। लगभग तीन करोड़ साठ लाख पंजीकृत मतदाता कल ईवीएम के माध्यम से नई सरकार चुनने की प्रक्रिया में हिस्सा लेंगे।
बंगाल और तमिलनाडु में अंतिम दिन जमकर बरसे चुनावी तीर
चुनाव प्रचार के आखिरी दिन पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की ओर से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने धुआंधार जनसभाओं को संबोधित कर ताकत झोंकी। पार्टी ने अपने पूरे स्टार प्रचारकों का दम दिखाया। सांसद और फिल्म अभिनेत्री हेमा मालिनी तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने भी विभिन्न क्षेत्रों में भव्य रोड शो निकालकर जनता से समर्थन जुटाने का प्रयास किया। विपक्षी दलों ने भी अपनी पूरी ताकत झोंककर जीत सुनिश्चित करने के लिए अंतिम क्षण तक जनसंपर्क अभियान चलाया।
उधर दक्षिण भारत में तमिलनाडु राज्य में भी कल होने वाले विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए आखिरी दिन का प्रचार अत्यंत गहमागहमी भरा रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी जैसे राष्ट्रीय स्तर के नेताओं ने राज्य में डेरा डाल रखा था। इनके अलावा राज्य के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और विपक्ष के नेता पलानीस्वामी ने भी अंतिम समय तक मतदाताओं को रिझाने के लिए जोरदार रोड शो और जनसभाएं कीं। राज्य में सत्ताधारी द्रमुक और विपक्षी अन्नाद्रमुक के बीच कड़े मुकाबले की संभावना जताई जा रही है। चुनाव विश्लेषकों की निगाहें अब ईवीएम की सुरक्षा के बीच होने वाले मतदान प्रतिशत पर टिकी हुई हैं।
