बर्फबारी और नेटवर्क की किल्लत को दी मात: हिमाचल की बेटी अर्चना ने JEE Mains में गाड़ा झंडा, अब IIT का सपना होगा सच

Himachal News: हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले की दुर्गम पांगी घाटी की बेटी अर्चना ने इतिहास रच दिया है। उन्होंने जेईई मेन्स (अप्रैल सत्र) में शानदार सफलता हासिल कर देश के सबसे प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई एडवांस्ड 2026 के लिए क्वालीफाई कर लिया है। अर्चना एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय किलाड़ की 12वीं कक्षा की छात्रा हैं। उनकी इस उपलब्धि ने साबित कर दिया कि अगर हौसला बुलंद हो, तो विषम भौगोलिक परिस्थितियां भी सफलता का रास्ता नहीं रोक सकती हैं।

देशभर के 11 लाख छात्रों के बीच बनाई जगह

जेईई मेन्स की परीक्षा में इस बार देशभर से 11 लाख से अधिक उम्मीदवार शामिल हुए थे। अर्चना ने अपनी कड़ी मेहनत के दम पर उन चुनिंदा 2.5 लाख छात्रों में अपनी जगह बनाई है, जो अब जेईई एडवांस्ड परीक्षा में बैठने के पात्र होंगे। पांगी घाटी जैसे पिछड़े क्षेत्र से निकलकर राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में यह मुकाम हासिल करना गौरव की बात है। अर्चना की इस कामयाबी की खबर मिलते ही पूरी पांगी घाटी में जश्न और उत्साह का माहौल है।

बिना कोचिंग और इंटरनेट की बाधा को किया पार

पांगी घाटी हिमाचल प्रदेश का वह इलाका है जो साल में छह महीने भारी बर्फबारी के कारण पूरी दुनिया से कटा रहता है। यहां डिजिटल बुनियादी ढांचे और तेज इंटरनेट की भारी कमी है। इसके बावजूद अर्चना ने कभी हार नहीं मानी। उन्होंने किसी बड़े शहर की महंगी कोचिंग के बिना केवल स्कूल के संसाधनों और सेल्फ स्टडी पर भरोसा किया। अर्चना की यह जीत उन लाखों विद्यार्थियों के लिए मिसाल है जो सुविधाओं की कमी का रोना रोते हैं।

गांव की बेटी ने बढ़ाया पांगी घाटी का मान

मूल रूप से धरवास गांव की रहने वाली अर्चना ने अपनी सफलता का पूरा श्रेय शिक्षकों और माता-पिता को दिया है। उनके पिता ने विपरीत हालातों में भी अर्चना की पढ़ाई को प्राथमिकता दी। स्कूल के प्रधानाचार्य देश राज ने अर्चना की जमकर सराहना की है। उन्होंने कहा कि पांगी जैसे कठिन क्षेत्र में बुनियादी शिक्षा हासिल करना भी संघर्ष है। वहां अर्चना का जेईई एडवांस्ड के लिए चुना जाना अन्य बच्चों को ऊंचे सपने देखने की प्रेरणा देगा।

सरकारी स्कूल और सेल्फ स्टडी का कमाल

अर्चना की सफलता यह भी दर्शाती है कि सरकारी आवासीय विद्यालयों में शिक्षा का स्तर बेहतर हो रहा है। एकलव्य मॉडल स्कूल किलाड़ के शिक्षकों ने अर्चना का हर कदम पर मार्गदर्शन किया। अर्चना अब पूरी एकाग्रता के साथ जेईई एडवांस्ड की तैयारी में जुट गई हैं। उनकी इच्छा आईआईटी में प्रवेश पाकर एक कुशल इंजीनियर बनने की है। स्थानीय प्रशासन और सामाजिक संगठनों ने अर्चना की इस बड़ी उपलब्धि पर उन्हें और उनके परिवार को बधाई दी है।

SOURCE: न्यूज एजेंसी
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