Himachal News: हिमाचल प्रदेश में गर्मी अब लोगों के पसीने छुड़ाने लगी है। पहाड़ों पर बढ़ती तपिश के बीच मौसम विभाग ने आगामी दिनों के लिए बड़ी चेतावनी जारी की है। दिल्ली और पंजाब की तरह ही हिमाचल के कई शहरों में पारा 38 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। हालांकि, झुलसाती गर्मी के बीच राहत की खबर भी है। विभाग के अनुसार 24 अप्रैल की रात से प्रदेश में एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ दस्तक दे रहा है। इसके प्रभाव से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अंधड़ चलने और बारिश होने की प्रबल संभावना है।
ऊना में गर्मी का तांडव और दिल्ली जैसा तापमान
हिमाचल प्रदेश का ऊना जिला इस समय तपती भट्ठी बना हुआ है। मंगलवार को यहां का अधिकतम तापमान 38.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो दिल्ली के करीब पहुंच गया है। मौसम वैज्ञानिक संदीप शर्मा के मुताबिक पिछले 24 घंटों में कई हिस्सों में पारा सामान्य से 6 डिग्री अधिक रहा। राजधानी शिमला में भी तापमान 25.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। मनाली और भुंतर जैसे ठंडे इलाकों में भी 5 से 6 डिग्री की असामान्य बढ़ोतरी देखी गई है।
24 अप्रैल तक जारी रहेगा शुष्क मौसम का दौर
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 24 अप्रैल तक पूरे प्रदेश में मौसम पूरी तरह शुष्क बना रहेगा। इस दौरान मैदानी और मध्यवर्ती क्षेत्रों में तापमान में 2 से 3 डिग्री की और वृद्धि हो सकती है। बिलासपुर, हमीरपुर और कांगड़ा जैसे जिलों में पारा 35 से 38 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। चिलचिलाती धूप के कारण लोगों को दोपहर के समय घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। किसानों के लिए भी यह शुष्क दौर चिंता का विषय बना हुआ है।
तूफान और बारिश का येलो अलर्ट: 4 दिन खराब रहेगा मौसम
पहाड़ों में मौसम का मिजाज 24 अप्रैल की रात से पूरी तरह बदलने वाला है। 25 अप्रैल को चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी सहित शिमला के कुछ हिस्सों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। लाहौल-स्पीति और कुल्लू की ऊंची चोटियों पर हल्की बर्फबारी की भी संभावना जताई गई है। 28 अप्रैल तक प्रदेश में चार दिनों तक मौसम खराब रहेगा। विभाग ने इसके लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। इस बदलाव से बढ़ते तापमान से लोगों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
सैलानियों और बागवानों के लिए मौसम विभाग की सलाह
मौसम में आने वाले इस बड़े बदलाव को देखते हुए सैलानियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। ऊंचे इलाकों में बर्फबारी और मैदानी भागों में अंधड़ के कारण यात्रा में सावधानी बरतने को कहा गया है। वहीं, बागवानों के लिए यह बारिश संजीवनी साबित हो सकती है, क्योंकि लंबे समय से बारिश न होने के कारण फसलों पर संकट मंडरा रहा था। अगले चार दिनों तक धूल भरी आंधी और बिजली गिरने की घटनाओं के प्रति भी प्रशासन ने लोगों को आगाह किया है।
