Himachal News: हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले में कुदरत ने एक गरीब परिवार पर दुखों का पहाड़ तोड़ दिया है। रामपुर उपमंडल के झाकड़ी बाजार के पास ब्रौनी खड्ड के जंगलों में लगी भीषण आग ने एक चरवाहे की पूरी दुनिया उजाड़ दी। आग इतनी भयावह थी कि उसने न केवल आशियाना छीना, बल्कि परिवार की जीवन भर की जमा पूंजी भी राख कर दी। इस अग्निकांड के बाद पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर है।
जंगल की आग ने डेरे को बनाया निशाना
झाकड़ी के खड़काग गांव निवासी अंशुल सिंह अपने परिवार और पशुओं के साथ ब्रौनी खड्ड के पास डेरा डालकर रहते थे। अचानक जंगल से शुरू हुई आग देखते ही देखते उनके डेरे तक जा पहुंची। अंशुल ने बताया कि आग की लपटें इतनी तेज थीं कि उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला। धुएं और आग के बीच उनके पशुओं में भगदड़ मच गई। इस हृदयविदारक हादसे में 9 बेजुबान बकरियां जिंदा जल गईं, जबकि 2 मेमने बुरी तरह झुलस गए हैं।
एक झटके में राख हुई लाखों की नकदी
इस अग्निकांड में अंशुल सिंह को सबसे बड़ा सदमा आर्थिक रूप से लगा है। पीड़ित ने 19 अप्रैल को अपनी 7 भेड़ें बेची थीं, जिससे उसे 1 लाख रुपए मिले थे। उसने यह नकदी अपने डेरे में ही सुरक्षित रखी थी, जो आग की भेंट चढ़ गई। पीड़ित के अनुसार, नकदी के साथ-साथ राशन, बर्तन, सोलर लाइट, मोबाइल, पावर बैंक और दो टैंट भी जलकर खाक हो गए। एक गरीब चरवाहे के लिए यह नुक्सान किसी तबाही से कम नहीं है।
प्रशासन से मुआवजे की गुहार
चरवाहे अंशुल सिंह को इस पूरी घटना में लगभग 2 लाख 50 हजार रुपए का नुकसान हुआ है। उसकी आंखों के सामने उसकी मेहनत की कमाई और पशु दोनों खत्म हो गए। पीड़ित परिवार अब गहरे सदमे और मानसिक तनाव में है। स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से मांग की है कि पीड़ित चरवाहे को तुरंत फौरी राहत और उचित मुआवजा दिया जाए। झाकड़ी क्षेत्र में इस घटना के बाद से शोक और डर का माहौल बना हुआ है।
बढ़ती गर्मी और जंगलों में आग का खतरा
हिमाचल प्रदेश के जंगलों में बढ़ती गर्मी के साथ ही आग लगने की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। झाकड़ी का यह अग्निकांड प्रशासन के लिए भी एक बड़ी चेतावनी है। वन विभाग और स्थानीय प्रशासन को संवेदनशील इलाकों में चौकसी बढ़ाने की जरूरत है। अक्सर मानवीय चूक या सूखे पत्तों के कारण लगने वाली यह आग वन्यजीवों के साथ-साथ इंसानी बस्तियों को भी भारी नुकसान पहुंचा रही है। पीड़ित परिवार अब सरकारी मदद की बाट जोह रहा है।
