हिमाचल में ‘मित्रों वाली सरकार’ पर बीजेपी का हमला: क्या सुक्खू कैबिनेट बन चुका है भ्रष्टाचार का अड्डा?

Himachal News: हिमाचल प्रदेश की राजनीति में सुक्खू सरकार के खिलाफ विपक्ष ने मोर्चा खोल दिया है। भाजपा प्रवक्ता राकेश शर्मा ने मुख्यमंत्री कार्यालय पर भ्रष्टाचार का केंद्र होने का संगीन आरोप लगाया है। उनका कहना है कि प्रदेश में विकास थम चुका है और अराजकता बढ़ रही है। भूमि और निर्माण परियोजनाओं में पारदर्शिता पूरी तरह खत्म हो गई है। समाज का हर वर्ग अब सड़कों पर उतरकर सरकार की नीतियों का कड़ा विरोध कर रहा है।

केवल ‘मित्रों’ को मिल रही हैं सरकारी नौकरियां

भाजपा प्रवक्ता ने शुक्रवार को जारी बयान में सुक्खू सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के इतिहास में यह सबसे जनविरोधी सरकार साबित हुई है। वर्तमान शासन में केवल मुख्यमंत्री के चहेते मित्रों को ही नौकरियां बांटी जा रही हैं। ‘मुख्यमंत्री मित्र’ जैसे शब्द अब प्रदेश में भाई-भतीजावाद का प्रतीक बन गए हैं। योग्यता को दरकिनार कर केवल करीबियों को उपकृत करना लोकतंत्र के लिए एक बेहद चिंताजनक स्थिति है।

वित्तीय कुप्रबंधन से कर्ज के दलदल में धंसा प्रदेश

हिमाचल प्रदेश इस समय गहरे आर्थिक संकट और कर्ज के बोझ से जूझ रहा है। राकेश शर्मा ने आरोप लगाया कि सरकार अपनी विफलताओं का बोझ जनता पर डाल रही है। महंगाई चरम पर है और कर्मचारियों को वेतन देने के लिए कोष में धन की कमी है। सरकार केवल नए टैक्स लगाने और गोल-मोल बयानबाजी करने में समय बर्बाद कर रही है। आम जनता की जेब काटकर अपने खास मित्रों को लाभ पहुंचाना ही सरकार का मुख्य एजेंडा बन गया है।

खजाना खाली होने का दावा और शाही खर्चों पर सवाल

मुख्यमंत्री बार-बार केंद्र सरकार पर सहयोग न करने और खजाना खाली होने का आरोप लगाते हैं। हालांकि भाजपा ने उनके इस दावे को विरोधाभासी करार दिया है। प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री का रहन-सहन और शाही खर्चे देखकर कहीं से भी आर्थिक तंगी नहीं झलकती। प्रदेश के कोषागार बंद होने की स्थिति पैदा होना बेहद शर्मनाक है। सरकार खुद ही वित्तीय स्थिति बिगाड़ने में जुटी है। जनता अब इस प्रशासनिक विफलता और आर्थिक संकट का जवाब मांग रही है।

प्रशासनिक संकट की कगार पर हिमाचल प्रदेश

भाजपा का मानना है कि सुक्खू सरकार ने प्रदेश को विकास की पटरी से उतार दिया है। प्रशासनिक ढांचा पूरी तरह चरमरा गया है और नीतिगत फैसलों में स्पष्टता की भारी कमी है। सुक्खू सरकार के कार्यकाल में राज्य की छवि एक संकटग्रस्त प्रदेश की बनती जा रही है। भाजपा ने चेतावनी दी है कि यदि भ्रष्टाचार पर लगाम नहीं लगी, तो राज्य के हालात और भी भयावह हो सकते हैं। प्रदेश की जनता अब बदलाव और जवाबदेही की उम्मीद कर रही है।

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