PM मोदी की नई अपील: वर्क फ्रॉम होम की वापसी और स्वदेशी अपनाने पर जोर, जानें कंपनियों का रुख

National News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया में बढ़ते वैश्विक तनाव और ईंधन की कीमतों में उछाल की आशंका को देखते हुए देशवासियों से एक विशेष अपील की है। उन्होंने ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए ‘वर्क फ्रॉम होम’ (WFH) और हाइब्रिड वर्क मॉडल को दोबारा अपनाने का सुझाव दिया है। पीएम की इस सलाह के बाद देश की बड़ी आईटी और कंसल्टिंग कंपनियों ने अपनी कार्य नीतियों की समीक्षा शुरू कर दी है। सरकार का मानना है कि वर्चुअल मीटिंग्स और रिमोट वर्किंग से गैर-जरूरी यात्राएं कम होंगी, जिससे पेट्रोल-डीजल की खपत में भारी गिरावट आएगी।

कॉर्पोरेट जगत की प्रतिक्रिया: हाइब्रिड मॉडल पर रहेगा जोर

प्रधानमंत्री की अपील के बाद KPMG इंडिया, डेलॉयट (Deloitte) और ईवाई (EY) जैसी दिग्गज फर्म्स ने अपने मौजूदा वर्क मॉडल का मूल्यांकन शुरू कर दिया है। KPMG ने स्पष्ट किया है कि वे क्लाइंट्स और कर्मचारियों की जरूरतों को देखते हुए उचित निर्णय लेंगे। वहीं, टाटा मोटर्स, आरपीजी ग्रुप और मर्सिडीज-बेंज इंडिया जैसी कंपनियां फिलहाल अपने हाइब्रिड मॉडल को जारी रखने के पक्ष में हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि रिमोट वर्किंग न केवल ईंधन की बचत करेगी, बल्कि वैश्विक संकट के समय देश के आयात बिल और आर्थिक दबाव को कम करने में भी सहायक होगी।

सार्वजनिक परिवहन के उपयोग और ऊर्जा बचत की मुहिम

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी प्रधानमंत्री के विजन का समर्थन करते हुए नागरिकों से सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करने का आग्रह किया है। मेट्रो शहरों में रहने वाले लोगों को निजी वाहनों के बजाय मेट्रो, बस और साझा परिवहन अपनाने की सलाह दी गई है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य ट्रैफिक जाम और प्रदूषण को कम करने के साथ-साथ विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित करना है। सरकार के अनुसार, ईंधन की बचत केवल व्यक्तिगत लाभ नहीं, बल्कि देशहित में उठाया गया एक बड़ा कदम है, जो वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों में बेहद जरूरी है।

विदेशी मुद्रा भंडार बचाने के लिए खर्चों में कटौती की सलाह

ऊर्जा बचत के साथ-साथ प्रधानमंत्री ने लोगों से अगले एक साल तक गैर-जरूरी विदेशी यात्राओं और सोने की खरीदारी कम करने का आह्वान किया है। उन्होंने डेस्टिनेशन वेडिंग जैसे बड़े खर्चों को सीमित करने और घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने की बात कही। इसके अतिरिक्त, खाद्य तेल की खपत कम करने और ‘मेड इन इंडिया’ उत्पादों को प्राथमिकता देने पर भी जोर दिया गया है। जूतों, बैग्स और एक्सेसरीज जैसी रोजमर्रा की चीजों में भारतीय ब्रांड्स को चुनकर नागरिक घरेलू उद्योगों को मजबूती प्रदान कर सकते हैं, जिससे भारत की आर्थिक स्थिति और अधिक सुदृढ़ होगी।

Hot this week

फ्लिपकार्ट समर सेल: iPhone 15 पर मची लूट, SBI कार्ड ऑफर के साथ अब तक की सबसे कम कीमत

Himachal News: ई-कॉमर्स दिग्गज फ्लिपकार्ट ने अपनी समर सेल...

Related News

Popular Categories