सोना-चांदी खरीदना हुआ महंगा: सरकार ने आयात शुल्क में की भारी बढ़ोतरी, जानें नए नियम

New Delhi News: केंद्र सरकार ने भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और विदेशी मुद्रा भंडार की सुरक्षा के लिए एक बड़ा साहसिक कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘एक साल तक सोना न खरीदने’ की अपील के बाद, सरकार ने सोने और चांदी पर आयात शुल्क (Import Duty) में भारी वृद्धि कर दी है। वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, ये नई दरें आज यानी 13 मई 2026 से पूरे देश में प्रभावी हो गई हैं। इस फैसले का उद्देश्य बढ़ते व्यापार घाटे को नियंत्रित करना और रुपये को स्थिरता प्रदान करना है।

सोने पर आयात शुल्क हुआ दोगुना

सरकार ने सोने पर लगने वाली बेसिक इम्पोर्ट ड्यूटी को 5 प्रतिशत से बढ़ाकर सीधे 10 प्रतिशत कर दिया है। पहले सोने पर कुल 6 प्रतिशत (5% ड्यूटी और 1% सेस) टैक्स लगता था, लेकिन अब उपभोक्ताओं और व्यापारियों को आयात के लिए पहले से कहीं अधिक कीमत चुकानी होगी। दिलचस्प बात यह है कि जुलाई 2024 के बजट में सरकार ने इस शुल्क को 15 प्रतिशत से घटाकर 6 प्रतिशत किया था, जिसे अब आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए दोबारा बढ़ा दिया गया है।

हुक, पिन और स्क्रैप पर भी बढ़ी सख्ती

सरकार की यह सख्ती केवल सोने की ईंटों या बिस्कुटों तक ही सीमित नहीं है। अब आभूषण निर्माण में उपयोग होने वाले छोटे कलपुर्जों जैसे हुक, पिन और स्क्रू पर भी बढ़ी हुई दरें लागू होंगी। इसके अलावा, पुरानी धातुओं से सोना-चांदी निकालने के लिए इस्तेमाल होने वाले ‘कचरे’ (Scrap) पर भी अब 10 प्रतिशत टैक्स देना अनिवार्य होगा। यहां तक कि यूएई (UAE) से रियायती कोटे के तहत आने वाले सोने पर भी शुल्क बढ़ा दिया गया है, ताकि आयात पर अंकुश लग सके।

आर्थिक सुरक्षा के मद्देनजर लिया गया फैसला

इस कड़े फैसले के पीछे मुख्य कारण पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल है। भारत दुनिया में सोने का दूसरा सबसे बड़ा और चांदी का सबसे बड़ा उपभोक्ता है। वित्त वर्ष 2025 में भारत ने लगभग 60 अरब डॉलर मूल्य का सोना आयात किया था, जो एक रिकॉर्ड स्तर है। इतने बड़े पैमाने पर आयात के कारण विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ रहा था, जिसे कम करने के लिए प्रधानमंत्री ने देशवासियों से सोने के मोह से बचने का आग्रह किया है।

आम आदमी और ज्वेलरी उद्योग पर असर

इम्पोर्ट ड्यूटी में इस वृद्धि का सीधा और तत्काल असर सर्राफा बाजार और आम ग्राहकों पर पड़ेगा। ज्वेलर्स के लिए कच्चा माल मंगाना अब काफी महंगा हो जाएगा, जिससे आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार उछाल देखने को मिल सकता है। शादियों के सीजन में यह खबर ग्राहकों की जेब पर भारी पड़ सकती है। साथ ही, उन औद्योगिक इकाइयों की लागत भी बढ़ जाएगी जो रिसाइकिलिंग या इंडस्ट्रियल कार्यों के लिए इन कीमती धातुओं का उपयोग करती हैं।

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