समोसा सिंह की सफलता: बायोटेक की नौकरी छोड़ समोसा बेचकर खड़ा किया 45 करोड़ का साम्राज्य

Bengaluru News: बेंगलुरु के रहने वाले निधि और शिखर सिंह ने साबित कर दिया है कि दृढ़ संकल्प और नवाचार के साथ किसी भी साधारण व्यवसाय को शिखर पर ले जाया जा सकता है। बायोटेक्नोलॉजी क्षेत्र की मोटी तनख्वाह वाली नौकरियां छोड़कर इस कपल ने स्नैक्स की दुनिया में कदम रखा। उन्होंने अपने स्टार्टअप ‘समोसा सिंह’ को बड़ा करने के लिए अपना घर तक बेच दिया। आज यह ब्रांड भारतीय बाजार में एक बड़ी पहचान बन चुका है, जिसका सालाना टर्नओवर 45 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है।

करियर का त्याग और ‘समोसा सिंह’ की नींव

साल 2015-16 के दौरान निधि और शिखर ने अपने जमे-जमाए करियर को अलविदा कहकर समोसे बेचने का चुनौतीपूर्ण फैसला लिया। उनके इस कदम से करीबी और रिश्तेदार हैरान थे, क्योंकि एक सुरक्षित जीवन को जोखिम में डालना सबको नासमझी लग रहा था। हालांकि, इस जोड़े ने बाजार में एक बड़ी कमी को पहचाना था। उन्होंने गौर किया कि समोसा देश का सबसे पसंदीदा स्नैक होने के बावजूद बाजार में कोई बड़ा ब्रांडेड प्लेयर मौजूद नहीं है, जिसे उन्होंने अपना लक्ष्य बनाया।

बायोटेक स्किल्स से समोसे में लगाया ‘साइंस’ का तड़का

साइंस बैकग्राउंड से होने के कारण निधि और शिखर ने समोसे को एक वैज्ञानिक नजरिए से देखा। उनकी मुख्य चुनौती समोसे को लंबे समय तक कुरकुरा बनाए रखना था, क्योंकि डिलीवरी के दौरान अक्सर समोसे नरम पड़ जाते हैं। अपनी बायोटेक विशेषज्ञता का उपयोग करते हुए उन्होंने विशेष तकनीक विकसित की। यह तकनीक मैदे के ‘ग्लूटेन बॉन्ड्स’ पर काम करती है, जिससे उनके समोसे कड़ाही से निकलने के 6 घंटे बाद भी पूरी तरह कुरकुरे बने रहते हैं।

300 वर्ग फीट की रसोई से शुरू हुआ संघर्ष

इस बड़े व्यापार की शुरुआत बेंगलुरु में महज 300 वर्ग फीट की एक छोटी सी रसोई से हुई थी। शुरुआती दिनों में शिखर खुद समोसे की डिलीवरी करते थे, जबकि निधि प्रबंधन का जिम्मा संभालती थीं। जब मांग बढ़ी और विस्तार के लिए पूंजी की जरूरत पड़ी, तो इस दंपति ने बिना हिचकिचाए अपना घर बेचकर निवेश किया। उनकी यह मेहनत सफल रही और जल्द ही एयर इंडिया जैसी एयरलाइंस और बड़े कॉर्पोरेट घराने उनके ग्राहकों की सूची में शामिल हो गए।

आज 8 शहरों में रोजाना बिकते हैं 50,000 समोसे

आज ‘समोसा सिंह’ का साम्राज्य 8 से ज्यादा प्रमुख शहरों में फैल चुका है। यह स्टार्टअप हर दिन लगभग 50,000 समोसे बेचता है, जिनमें पारंपरिक आलू मसाले के साथ-साथ मंचूरियन और चीज चिली जैसे फ्यूजन फ्लेवर्स भी शामिल हैं। एक छोटी सी रसोई से शुरू हुआ यह सफर अब 45 करोड़ रुपये के टर्नओवर में बदल चुका है। निधि और शिखर की यह प्रेरक कहानी सिखाती है कि सही तकनीक और अडिग इरादों से किसी भी सपने को साकार किया जा सकता है।

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