New Delhi News: अक्सर लोग मानते हैं कि पोस्ट ऑफिस में जमा पैसा पूरी तरह टैक्स-फ्री होता है। यह एक बहुत बड़ी गलतफहमी है। साल 2026 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरते समय आपको अपनी सभी छोटी-बड़ी आय की सटीक जानकारी देनी होगी। भले ही आपको निवेश पर टैक्स में छूट मिलती हो, लेकिन पोस्ट ऑफिस की बचत से मिलने वाला ब्याज पूरी तरह कर योग्य हो सकता है। आयकर विभाग अब हर छोटी कमाई पर बारीक नजर रख रहा है।
‘अन्य स्रोतों से आय’ को समझना है जरूरी
इनकम टैक्स रिटर्न भरते समय एक खास श्रेणी ‘अन्य स्रोतों से आय’ होती है। इस वर्ग में वह सभी कमाई शामिल होती है जो वेतन या व्यापार से नहीं आती। इसमें बैंक और पोस्ट ऑफिस का ब्याज मुख्य रूप से जुड़ता है। इसके अलावा सिक्योरिटीज का रिटर्न, फैमिली पेंशन, शेयर का डिविडेंड और लॉटरी की जीती रकम भी इसी में आती है। नौकरी छूटने पर मिला मुआवजा भी आपको टैक्स रिटर्न के इस अहम कॉलम में दिखाना अनिवार्य होता है।
टीडीएस के नए नियम और आपकी आय
इनकम टैक्स एक्ट 2025 के सेक्शन 393(1) में टीडीएस से जुड़े कई अहम बदलाव हुए हैं। नए नियम के अनुसार जब ब्याज आय तय सीमा पार करती है, तभी संस्थान टीडीएस काटते हैं। आम लोगों के लिए यह सीमा पचास हजार रुपये है। वहीं सीनियर सिटीजंस को एक लाख रुपये तक की खास छूट दी गई है। यह ध्यान रखना बहुत जरूरी है कि टीडीएस न कटने का मतलब कमाई का टैक्स-फ्री होना बिल्कुल भी नहीं होता है।
विभिन्न सेविंग स्कीम्स पर लागू टैक्स के नियम
पोस्ट ऑफिस की हर स्कीम के लिए टैक्स के नियम पूरी तरह अलग होते हैं। एफडी, आरडी, मंथली इनकम स्कीम और सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम पर टीडीएस कट सकता है। दूसरी तरफ पीपीएफ, सुकन्या समृद्धि योजना और सामान्य बचत खातों के ब्याज पर अभी टीडीएस नहीं लगता है। हालांकि किसान विकास पत्र का ब्याज भी मैच्योरिटी के समय टैक्स के दायरे में ही आता है। भले ही उस पर शुरू में कोई टीडीएस नहीं काटा गया हो।
आयकर विभाग की नजर और छुपाने का नुकसान
आयकर विभाग एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट यानी एआईएस और फॉर्म 26एएस के जरिए वित्तीय लेन-देन की पूरी जानकारी रखता है। अगर आपने रिटर्न में अपनी ब्याज आय को छुपाया है, तो विभाग की तरफ से आपको नोटिस मिल सकता है। छोटी सी वित्तीय भूल भारी जुर्माने का कारण बन जाती है। इसलिए अपनी बैलेंस शीट हमेशा एकदम साफ और स्पष्ट रखें। टैक्स फाइल करते समय हर निवेश और रिटर्न का सही तथा पूरा विवरण देना सबसे सुरक्षित विकल्प है।

