हिमाचल के हजारों पेंशनरों के लिए बड़ी खुशखबरी: सुक्खू सरकार का कड़ा फैसला, अब 7 दिन में होगा ग्रेच्युटी का भुगतान!

Himachal News: हिमाचल प्रदेश के सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने एक ऐतिहासिक और राहत भरा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने लंबित ग्रेच्युटी और लीव इनकैशमेंट के भुगतान को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाते हुए आदेश जारी किए हैं। अब किसी भी विभाग में रिटायरमेंट बेनिफिट्स का पैसा नहीं अटकेगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों का वैधानिक भुगतान उनकी प्राथमिकता है। इसमें किसी भी स्तर पर होने वाली कोताही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

7 दिन में भुगतान और 10 दिन में देनी होगी रिपोर्ट

मुख्यमंत्री के नए निर्देशों के अनुसार, सभी विभागों को सेवानिवृत्त कर्मचारियों का बकाया भुगतान महज सात दिनों के भीतर सुनिश्चित करना होगा। इतना ही नहीं, भुगतान प्रक्रिया पूरी होने के 10 दिनों के अंदर अनुपालना रिपोर्ट वित्त विभाग को भेजना अनिवार्य कर दिया गया है। सरकार ने निगरानी के लिए यह सख्त व्यवस्था इसलिए की है ताकि फाइलों को अनावश्यक रूप से न घुमाया जाए। इस फैसले से उन पेंशनरों में खुशी की लहर है जो सालों से कार्यालयों के चक्कर काट रहे थे।

2016 के बाद रिटायर हुए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को प्राथमिकता

सरकार ने खासतौर पर वर्ष 2016 के बाद सेवानिवृत्त हुए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने 15 अप्रैल को रिकांगपिओ में इस संबंध में सार्वजनिक घोषणा की थी। बावजूद इसके, कुछ विभागों की सुस्ती पर सरकार ने गहरी नाराजगी जताई है। अब वित्त विभाग सीधे तौर पर इन भुगतानों की निगरानी कर रहा है। देरी करने वाले अधिकारियों और आहरण एवं वितरण अधिकारियों (DDO) पर जवाबदेही तय की जाएगी।

वित्त विभाग ने जारी की अंतिम चेतावनी

वित्त विभाग के विशेष सचिव ने सभी प्रशासनिक विभागों को सख्त हिदायत जारी की है। विभाग ने पाया कि जनवरी और अप्रैल 2026 में जारी पिछले कार्यालय ज्ञापनों के बावजूद कई कार्यालयों में समयबद्ध भुगतान नहीं हो रहा था। इसे गंभीरता से लेते हुए सरकार ने अब इसे अनिवार्य कर दिया है। विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने अधीनस्थ कार्यालयों में तत्काल इस व्यवस्था को लागू करें। समय सीमा का उल्लंघन करने पर विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।

हजारों परिवारों को मिलेगा आर्थिक संबल

इस फैसले से प्रदेश के उन हजारों परिवारों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा जो पेंशन लाभ के इंतजार में थे। वैधानिक भुगतान में देरी न केवल कर्मचारियों का हक मारती है, बल्कि उनके बुढ़ापे के सहारे को भी कमजोर करती है। सुक्खू सरकार ने संकेत दिया है कि कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए वे कड़े प्रशासनिक सुधार जारी रखेंगे। वित्त विभाग के ताजा निर्देशों के बाद अब माना जा रहा है कि रुकी हुई ग्रेच्युटी का पैसा जल्द ही पेंशनरों के खातों में पहुंच जाएगा।

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