Himachal News: हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने शनिवार को प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के कद्दावर नेता शांता कुमार से उनके पालमपुर स्थित आवास पर शिष्टाचार भेंट की। इस विशेष मुलाकात के दौरान राज्यपाल ने वरिष्ठ राजनेता शांता कुमार का कुशलक्षेम जाना और उन्हें हार्दिक शुभकामनाएं दीं। राजनीतिक गलियारों में इस दौरे को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों नेताओं ने बंद कमरे में करीब एक घंटे तक राज्य के ज्वलंत विषयों और क्षेत्रीय विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।
प्रदेश के विकास और सामयिक मुद्दों पर गंभीर विमर्श
पालमपुर दौरे के दौरान राज्यपाल कविंदर गुप्ता और शांता कुमार के बीच हुई बातचीत का मुख्य केंद्र हिमाचल प्रदेश का भविष्य रहा। राज्यपाल ने शांता कुमार के दशकों लंबे राजनीतिक अनुभव और जनसेवा में उनके अमूल्य योगदान की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि शांता कुमार का मार्गदर्शन प्रदेश की प्रगति के लिए हमेशा से प्रेरणादायी रहा है। इस दौरान दोनों दिग्गजों ने वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य और समाज सेवा के विभिन्न आयामों पर भी अपने विचार साझा किए।
शांता कुमार ने भेंट की अपनी चर्चित पुस्तक ‘अविचल पंथी’
मुलाकात के समापन पर पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने राज्यपाल को अपनी प्रसिद्ध कृति ‘अविचल पंथी’ की एक प्रति भेंट स्वरूप प्रदान की। यह पुस्तक शांता कुमार के जीवन के संघर्षों और उनके सिद्धांतों को बखूबी बयां करती है। राज्यपाल ने इस सम्मान के प्रति आभार व्यक्त किया और पुस्तक के माध्यम से शांता कुमार के अनुभवों को करीब से जानने की उत्सुकता दिखाई। इस दौरान माहौल पूरी तरह अनौपचारिक और सौहार्दपूर्ण बना रहा, जिसने दोनों के बीच गहरे आपसी सम्मान को प्रदर्शित किया।
वरिष्ठ नेतृत्व के अनुभव को राज्यपाल ने बताया अमूल्य निधि
राज्यपाल ने अपनी यात्रा के बाद पत्रकारों से संक्षिप्त बातचीत में कहा कि वरिष्ठ राजनेताओं का अनुभव राज्य के लिए एक बड़ी संपत्ति होता है। उन्होंने शांता कुमार को एक ऐसा व्यक्तित्व बताया जिन्होंने अपना पूरा जीवन राष्ट्र और प्रदेश के निर्माण में खपा दिया। राज्यपाल ने जोर देकर कहा कि हिमाचल के दूरगामी विकास के लिए ऐसे अनुभवी नेताओं से नियमित संवाद आवश्यक है। इस दौरे ने न केवल शिष्टाचार की परंपरा को आगे बढ़ाया, बल्कि राज्य के विकास हेतु एक वैचारिक सेतु का काम भी किया।

