Himachal News: मंडी में आयोजित भाजपा के विशाल कार्यकर्ता सम्मेलन में राष्ट्रीय नेतृत्व ने सुक्खू सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शनिवार को भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सौदान सिंह ने आरोप लगाया कि वर्तमान कांग्रेस सरकार हिमाचल के इतिहास की सबसे विफल सरकार है। उन्होंने कहा कि साढ़े तीन वर्षों में प्रदेश आर्थिक और प्रशासनिक तौर पर पूरी तरह पिछड़ चुका है। भाजपा ने स्पष्ट संदेश दिया कि राज्य की जनता अब कांग्रेस के ‘झूठ और भ्रष्टाचार’ से मुक्ति चाहती है।
हिमाचल पर चढ़ा 1.10 लाख करोड़ का भारी कर्ज
सौदान सिंह ने वित्तीय आंकड़े पेश करते हुए राज्य की आर्थिक सेहत पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश पर कुल कर्ज अब 1.10 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। दिलचस्प बात यह है कि साल 2022 तक, यानी करीब 30 वर्षों में यह कर्ज 70 हजार करोड़ था। कांग्रेस सरकार ने महज साढ़े तीन वर्षों में इसमें 40 हजार करोड़ रुपये का भारी इजाफा कर दिया है। आज प्रदेश का हर नागरिक औसतन 1.40 लाख रुपये के कर्ज तले दबा है।
ठप हुआ विकास, अस्पतालों और स्कूलों की हालत बदतर
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि प्रदेश में विकास कार्य पूरी तरह से ठप हो चुके हैं। सरकार फंड की कमी का रोना रोती है, लेकिन चहेतों की सुख-सुविधाओं पर करोड़ों रुपये लुटाए जा रहे हैं। वर्तमान में सड़कें खस्ताहाल हैं, अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी है और स्कूलों में शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं। भाजपा शासन में शुरू की गई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को या तो बंद कर दिया गया है या उनकी गति बहुत धीमी कर दी गई है।
हिमकेयर और सहारा जैसी जनकल्याणकारी योजनाएं संकट में
सौदान सिंह ने जनहित की योजनाओं को रोकने के लिए सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने बताया कि हिमकेयर, सहारा और आयुष्मान भारत जैसी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का भुगतान लंबित पड़ा है। इससे स्वास्थ्य ढांचा चरमरा रहा है। बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों की सामाजिक सुरक्षा पेंशन में छह महीने की देरी हो रही है। भाजपा का दावा है कि सरकार की इस संवेदनहीनता के कारण समाज के सबसे निचले तबके के लाखों लोग आज परेशानी झेलने को मजबूर हैं।
दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में भाजपा का शक्ति प्रदर्शन
मंडी के इस सम्मेलन में भाजपा ने एकजुटता का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल, मुख्य प्रवक्ता राकेश जमवाल और महामंत्री पायल वैद्य प्रमुख रूप से मौजूद रहे। इसके अलावा विधायक अनिल शर्मा, इंद्र सिंह गांधी, पूर्ण चंद और पूर्व महापौर वीरेंद्र भट्ट सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि शामिल हुए। नेताओं ने आह्वान किया कि कार्यकर्ता घर-घर जाकर सरकार की विफलताओं का पर्दाफाश करें और आने वाले चुनावों के लिए संगठन को और मजबूत बनाएं।

