हिमाचल पंचायत चुनाव: सिरमौर में प्रशासनिक मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप, भाजपा ने चुनाव आयोग से की बड़ी शिकायत

Himachal News: हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनावों की सरगर्मी के बीच सिरमौर जिले में सियासी पारा चढ़ गया है। भाजपा ने राज्य चुनाव आयोग में दो अलग-अलग शिकायतें दर्ज करवाकर प्रशासनिक मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। पार्टी का दावा है कि कांग्रेस सरकार के दबाव में कुछ अधिकारी चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित कर रहे हैं। भाजपा ने चुनाव आयोग से निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए दागी अधिकारियों के तत्काल तबादले की मांग की है। इस शिकायत के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।

नाहन में कार्यवाहक बीडीओ पर पक्षपात का गंभीर आरोप

भाजपा प्रदेश कार्यालय सचिव प्रमोद ठाकुर ने नाहन विकास खंड के कार्यवाहक बीडीओ परमजीत ठाकुर के खिलाफ मोर्चा खोला है। पार्टी का आरोप है कि परमजीत ठाकुर स्थानीय कांग्रेस विधायक के करीबी सहयोगी के रूप में काम कर रहे हैं। शिकायत में कहा गया है कि मनरेगा और अन्य सरकारी योजनाओं में भाजपा समर्थित लोगों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। भाजपा के अनुसार, जिले की लगभग 25 पंचायतों में विकास कार्यों में जानबूझकर बाधाएं खड़ी की जा रही हैं।

राजनीतिक दबाव में तबादलों का खेल: भाजपा का दावा

भाजपा ने अपनी शिकायत में एक पूर्व घटनाक्रम का भी जिक्र किया है। पार्टी का कहना है कि नाहन में पहले तैनात सुपरिंटेंडेंट ग्रेड-II विकास बंसल का तबादला राजनीतिक दबाव में किया गया था। उनकी जगह परमजीत ठाकुर को तैनात करना एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। भाजपा का मानना है कि पंचायत चुनावों के दौरान ऐसी गतिविधियां चुनावी शुचिता को भंग कर सकती हैं। पार्टी ने चुनाव आयोग से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने और अधिकारियों की भूमिका की जांच करने का आग्रह किया है।

पांवटा साहिब में जूनियर इंजीनियर पर चुनावी धांधली का शक

शिकायत का दूसरा मामला पांवटा साहिब विकास खंड का है, जहां तैनात जूनियर इंजीनियर शमशेर प्रकाश निशाने पर हैं। भाजपा का आरोप है कि शमशेर प्रकाश की पत्नी किरण बाला ग्राम पंचायत रामपुर भारापुर से प्रधान पद का चुनाव लड़ रही हैं। पार्टी के अनुसार, शमशेर प्रकाश अपने पद के प्रभाव का इस्तेमाल कर अपनी पसंद के अधिकारियों की तैनाती करवा रहे हैं। भाजपा ने इसे चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन बताते हुए उनके तबादले की मांग की है।

चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों का हवाला

भाजपा ने राज्य चुनाव आयोग को उसके पुराने दिशा-निर्देशों की याद दिलाई है। आयोग ने पहले स्पष्ट किया था कि यदि किसी अधिकारी का करीबी परिजन चुनाव लड़ रहा हो, तो उसे उस क्षेत्र में तैनात नहीं रखा जा सकता। भाजपा का तर्क है कि शमशेर प्रकाश की उपस्थिति से चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी नहीं रह जाएगी। पार्टी ने आयोग से मांग की है कि नियमों का पालन करते हुए आरोपी अधिकारियों को तुरंत चुनाव ड्यूटी से मुक्त किया जाए ताकि मतदान शांतिपूर्ण हो सके।

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