Indian Defense Update: लेफ्टिनेंट जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि बने देश के नए CDS, नौसेना की कमान भी नए हाथों में!

New Delhi News: भारत सरकार ने सैन्य नेतृत्व में बड़ा फेरबदल करते हुए लेफ्टिनेंट जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि को नया चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) नियुक्त किया है। वे जनरल अनिल चौहान का स्थान लेंगे, जिनका कार्यकाल 30 मई 2026 को समाप्त हो रहा है। इसके साथ ही वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन को भारतीय नौसेना का अगला प्रमुख बनाया गया है। इन नियुक्तियों से देश की रक्षा रणनीतियों और सैन्य मामलों के विभाग में नई ऊर्जा आने की उम्मीद है।

लेफ्टिनेंट जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि का शानदार सैन्य सफर

लेफ्टिनेंट जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि एक अनुभवी सैन्य अधिकारी हैं। उन्होंने दिसंबर 1985 में ‘द गढ़वाल राइफल्स’ के साथ अपना करियर शुरू किया था। वह नेशनल डिफेंस एकेडमी के पूर्व छात्र रहे हैं। उन्होंने लंदन के किंग्स कॉलेज से एमए और मद्रास विश्वविद्यालय से एम.फिल की डिग्री ली है। उनकी विशेषज्ञता विशेष रूप से उत्तरी और पश्चिमी सीमाओं से जुड़े रणनीतिक और सामरिक पहलुओं में काफी गहरी मानी जाती है।

अनुभव का खजाना: थल सेना उप-प्रमुख से लेकर सैन्य सलाहकार तक

जनरल सुब्रमणि वर्तमान में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय में सैन्य सलाहकार के रूप में कार्यरत हैं। इससे पहले उन्होंने जुलाई 2024 से जुलाई 2025 तक थल सेना के उप-प्रमुख की जिम्मेदारी संभाली थी। उन्होंने मार्च 2023 से जून 2024 तक मध्य कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के रूप में भी कार्य किया। देश के प्रति उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए उन्हें परम विशिष्ट सेवा मेडल और अति विशिष्ट सेवा मेडल जैसे सम्मान मिल चुके हैं।

वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन संभालेंगे नौसेना की कमान

भारतीय नौसेना में भी नेतृत्व परिवर्तन हुआ है। वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन को नौसेना का अगला प्रमुख नियुक्त किया गया है। वह वर्तमान में पश्चिमी नौसेना कमान के प्रमुख हैं और 31 मई को अपना नया पदभार ग्रहण करेंगे। उनका कार्यकाल 31 दिसंबर 2028 तक रहेगा। स्वामीनाथन जुलाई 1987 में नौसेना में शामिल हुए थे। वे संचार और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध (Electronic Warfare) तकनीक के विशेषज्ञ माने जाते हैं।

उच्च शिक्षा और अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण का समन्वय

वाइस एडमिरल स्वामीनाथन ने देश-विदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों से सैन्य शिक्षा प्राप्त की है। उन्होंने यूनाइटेड किंगडम और अमेरिका के नेवल वॉर कॉलेज से विशेष प्रशिक्षण लिया है। नौसेना प्रमुख के रूप में उनके पास समुद्री सुरक्षा और आधुनिक युद्ध तकनीकों का व्यापक अनुभव है। सरकार को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में नौसेना की परिचालन क्षमताएं और भी मजबूत होंगी। यह नियुक्ति हिंद महासागर में बढ़ती चुनौतियों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है।

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