West Bengal News: कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आज पश्चिम बंगाल की सियासत का एक नया अध्याय लिखा गया। सुवेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रोटोकॉल तोड़कर एक बुजुर्ग कार्यकर्ता के पैर छुए। इस भावुक पल ने वहां मौजूद लाखों लोगों का दिल जीत लिया। 207 सीटों के भारी बहुमत के साथ राज्य में 15 साल के ममता शासन का अंत हुआ है। भाजपा की इस पहली सरकार के गठन ने बंगाल की राजनीतिक जमीन को पूरी तरह बदल दिया है।
कौन हैं माखनलाल सरकार जिनके सामने नतमस्तक हुए PM मोदी
शपथ ग्रहण समारोह के दौरान मंच पर जब 98 वर्षीय माखनलाल सरकार पहुंचे, तो प्रधानमंत्री मोदी ने झुककर उनके चरण स्पर्श किए। माखनलाल सरकार भाजपा के सबसे पुराने और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं में से एक हैं। प्रधानमंत्री ने उन्हें पूरी विनम्रता के साथ गले लगाया और उनके योगदान को नमन किया। यह दृश्य केवल एक व्यक्तिगत सम्मान नहीं था, बल्कि उन तपस्वियों के प्रति आभार था जिन्होंने बंगाल में राष्ट्रवादी विचारधारा को सींचा और दशकों तक संघर्ष किया।
1952 के कश्मीर आंदोलन से श्यामा प्रसाद के साथी रहे माखनलाल
माखनलाल सरकार का इतिहास बेहद गौरवशाली और बलिदानों से भरा हुआ रहा है। साल 1952 में जब जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने कश्मीर आंदोलन शुरू किया था, तब माखनलाल उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चले थे। उस दौरान उन्हें कश्मीर में गिरफ्तार भी किया गया था। प्रधानमंत्री ने आज की बड़ी जीत का श्रेय इन्हीं कार्यकर्ताओं को दिया जिन्होंने जेलें सहीं और लाठियां खाईं। माखनलाल जैसे लोगों की निष्ठा ने ही आज भाजपा को बंगाल की सत्ता तक पहुंचाया है।
सुवेंदु अधिकारी का ‘राजतिलक’ और दिग्गजों का जमावड़ा
ममता बनर्जी को उनके गढ़ भवानीपुर में हराने वाले सुवेंदु अधिकारी ने आज बंगाल के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। इस ऐतिहासिक पल के साक्षी गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जैसे बड़े नेता बने। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी इस भव्य समारोह में शामिल हुईं। अमित शाह ने ही 8 मई को सुवेंदु को विधायक दल का नेता चुना था, जिसके बाद राज्यपाल आर.एन. रवि ने उन्हें सरकार बनाने का न्योता दिया।
बंगाल में भाजपा युग की शुरुआत और भविष्य की राजनीति
ममता बनर्जी के सत्ता से हटने के बाद अब बंगाल में भाजपा की पूर्ण बहुमत वाली सरकार काम करना शुरू करेगी। सुवेंदु अधिकारी ने 207 सीटों के प्रचंड जनादेश के साथ सत्ता की कमान संभाली है। प्रधानमंत्री मोदी का माखनलाल सरकार को सम्मान देना यह दर्शाता है कि पार्टी अपने पुराने सहयोगियों के बलिदान को नहीं भूली है। अब सुवेंदु सरकार के सामने राज्य की कानून-व्यवस्था और विकास की चुनौतियों को संभालने की बड़ी जिम्मेदारी होगी। बंगाल की जनता को इस बदलाव से बड़ी उम्मीदें हैं।

