Himachal News: हिमाचल प्रदेश के शिमला जिला स्थित जुब्बल थाना क्षेत्र में एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक युवक ने अनजाने में मौत को बुलावा दे दिया। मटासा गांव में रसोईघर के भीतर सेब की खाली ट्रे जलाना एक नेपाली कामगार को भारी पड़ गया। आग की लपटें इतनी भयानक थीं कि युवक जिंदा झुलस गया। गंभीर रूप से घायल युवक ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन वह दर्द के कारण बेसुध होकर गिर गया और उसकी मौत हो गई।
मटासा गांव में पसरा मातम: मृतक की हुई पहचान
यह हृदयविदारक घटना शुक्रवार शाम की है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। पुलिस जांच में मृतक की पहचान टोपिद्र कार्की के रूप में हुई है। टोपिद्र मूल रूप से नेपाल के जिला दैलेख, करनाली का निवासी था। वह पिछले कुछ समय से जुब्बल के मटासा गांव में स्थानीय निवासी भूषण बासटा के सेब बगीचे में मजदूरी कर रहा था। घटना के वक्त वह अपने भाई प्रेम कार्की के साथ वहीं रह रहा था। भाई ने ही इस भीषण हादसे की सूचना स्थानीय पुलिस को दी।
रसोईघर में भड़की आग: बेकाबू हुई लपटें
पुलिस के मुताबिक, टोपिद्र कार्की बगीचे का काम खत्म करने के बाद खाना बनाने के लिए रसोईघर में गया था। इसी दौरान उसने कमरे में रखी सेब की खाली ट्रे इकट्ठी कीं और उनमें आग लगा दी। सेब की ट्रे अत्यधिक ज्वलनशील होने के कारण आग अचानक बेकाबू हो गई। इससे पहले कि टोपिद्र कुछ समझ पाता, आग की लपटों ने उसके कपड़ों को अपनी चपेट में ले लिया। गंभीर रूप से झुलसने के बाद वह आनन-फानन में दूसरे कमरे में गया और अपने जलते कपड़े शरीर से अलग किए।
हादसे के बाद पुलिस ने शुरू की कानूनी कार्रवाई
गंभीर चोटों के बावजूद टोपिद्र दोबारा रसोई की ओर भागा ताकि पानी से आग बुझा सके। हालांकि, अत्यधिक दर्द और शरीर झुलस जाने के कारण वह रसोई के पास ही बेहोश होकर गिर पड़ा। सूचना मिलते ही जुब्बल थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 194 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिसके बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा।

