Himachal News: हिमाचल प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से जारी बारिश के दौर के बाद अब मौसम विभाग ने राहत और चेतावनी दोनों जारी की हैं। 9 और 10 मई को पूरे प्रदेश में मौसम साफ और शुष्क रहने की संभावना है। इससे किसानों और बागवानों को अपने खेतों और बगीचों का काम निपटाने का सुनहरा मौका मिलेगा। हालांकि, यह राहत ज्यादा लंबी नहीं होगी क्योंकि 11 मई से एक नया पश्चिमी विक्षोभ हिमालयी क्षेत्रों में दस्तक देने वाला है।
11 मई से फिर सक्रिय होगा पश्चिमी विक्षोभ
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, 11 मई से प्रदेश के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ के कारण 11 से 14 मई तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर फिर शुरू हो सकता है। इस दौरान बादलों की गर्जना और बिजली कड़कने की घटनाएं भी सामने आ सकती हैं। मौसम वैज्ञानिकों ने अनुमान जताया है कि 12 और 13 मई को प्रदेश के कुछ ऊंचे और मध्य पर्वतीय इलाकों में ओलावृष्टि भी हो सकती है।
इन 10 जिलों के लिए जारी हुआ ‘येलो अलर्ट’
आगामी खराब मौसम को देखते हुए आईएमडी ने 11 मई के लिए प्रदेश के 10 जिलों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। विभाग ने ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में न केवल बारिश होगी बल्कि 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी प्रबल आशंका है। स्थानीय प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों को नदी-नालों से दूर रहने की हिदायत दी है।
तूफान और तेज हवाओं की रफ्तार बढ़ाएगी मुश्किलें
मौसम विभाग के लेटेस्ट बुलेटिन के अनुसार, 11 से 14 मई के बीच हवाओं की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। तेज हवाओं और ओलावृष्टि से फसलों और फलों के बगीचों को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ गया है। विशेष रूप से सेब के बागवानों के लिए यह समय चुनौतीपूर्ण हो सकता है। विभाग ने सलाह दी है कि लोग खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे आश्रय न लें।

