Himachal News: हिमाचल प्रदेश के मंडी में आयोजित भाजपा के विशाल कार्यकर्ता सम्मेलन में कांग्रेस सरकार के खिलाफ तीखा हमला बोला गया। विपाशा सदन में हुए इस कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सौदान सिंह ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार को राज्य के इतिहास की सबसे ‘निकम्मी और भ्रष्ट’ सरकार करार दिया। उन्होंने कहा कि साढ़े तीन साल के कार्यकाल में सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है और प्रदेश को गहरे आर्थिक संकट और प्रशासनिक अव्यवस्था की ओर धकेल दिया है।
हिमाचल पर चढ़ा 1.10 लाख करोड़ का कर्ज: सौदान सिंह के गंभीर आरोप
भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सौदान सिंह ने राज्य की वित्तीय स्थिति पर चिंता जताते हुए चौंकाने वाले आंकड़े पेश किए। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश आज आर्थिक दिवालियापन की कगार पर खड़ा है और कुल कर्ज 1 लाख 10 हजार करोड़ रुपये के पार जा चुका है। सौदान सिंह के अनुसार, साल 2022 तक प्रदेश पर 70 हजार करोड़ रुपये का कर्ज था, लेकिन वर्तमान कांग्रेस सरकार ने अपने साढ़े तीन साल के कार्यकाल में ही 40 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ डाल दिया।
प्रति व्यक्ति 1.40 लाख का बोझ: प्रदेश की बिगड़ती वित्तीय सेहत
सम्मेलन के दौरान सौदान सिंह ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में हिमाचल का प्रत्येक नागरिक औसतन 1 लाख 40 हजार रुपये के भारी कर्ज तले दबा हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि विकासहीनता के कारण प्रदेश की आर्थिक स्थिति अब तक के सबसे गंभीर संकट के दौर से गुजर रही है। प्रशासनिक अव्यवस्था के चलते राज्य का ढांचा चरमरा गया है। भाजपा नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते वित्तीय सुधार नहीं किए गए, तो प्रदेश को इस संकट से उबारना नामुमकिन होगा।
जनता पर महंगाई का बोझ: राजीव बिंदल ने कांग्रेस को घेरा
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि साढ़े तीन साल का कांग्रेस शासन पूरी तरह जनविरोधी रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि एचआरटीसी किराये, पानी के बिलों, राशन, सीमेंट और एंट्री टैक्स में वृद्धि कर मध्यम वर्ग की कमर तोड़ दी गई है। बिंदल ने कहा कि सरकार ने आम जनता पर भारी आर्थिक बोझ लाद दिया है, जिससे गरीब परिवार अपना गुजर-बसर करने के लिए संघर्ष करने को मजबूर हैं।
झूठी गारंटियों पर वार: महिलाओं और युवाओं का इंतजार बढ़ा
राजीव बिंदल ने कांग्रेस की चुनावी गारंटियों को ‘जनता की पीड़ा’ बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की 28 लाख महिलाएं पिछले 42 महीनों से 1500 रुपये प्रति माह की प्रतीक्षा कर रही हैं। इसी तरह, पांच लाख युवा सरकारी नौकरियों और रोजगार के वादे पूरे होने का इंतजार कर रहे हैं। बिंदल ने दावा किया कि किसान, बागवान और कर्मचारी सभी सरकार की नीतियों से त्रस्त हैं। सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी उनके हक के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
स्थानीय निकायों के फंड पर ‘डाका’: विकास कार्य ठप होने का दावा
भाजपा ने सरकार पर पंचायती राज संस्थाओं और नगर निकायों के बजट को सरकारी खाते में डालने का गंभीर आरोप लगाया। डॉ. बिंदल ने कहा कि ग्राम पंचायतों, बीडीसी और नगर निगमों के खातों से धन निकालकर राज्य सरकार ने स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों को पूरी तरह ठप कर दिया है। यह जनता के साथ सीधा विश्वासघात है। कार्यक्रम में विधायक अनिल शर्मा, राकेश जमवाल, पायल वैद्य और इंद्र सिंह गांधी समेत कई दिग्गज पदाधिकारी और हजारों कार्यकर्ता मौजूद रहे।

