Himachal News: हिमाचल प्रदेश में जारी पंचायत और शहरी निकाय चुनावों के बीच कुल्लू जिले की नगर पंचायत बंजार से एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है। यहां मतदान से पहले ही भाजपा ने अध्यक्ष की कुर्सी पर कब्जा पक्का कर लिया है। वार्ड नंबर छह से भाजपा समर्थित प्रत्याशी धनवंती देवी निर्विरोध निर्वाचित घोषित की गई हैं। चूंकि अध्यक्ष पद अनुसूचित जाति महिला वर्ग के लिए आरक्षित है, इसलिए उनकी जीत ने भाजपा की राह पूरी तरह साफ कर दी है।
आरक्षण की विसंगति बनी भाजपा के लिए वरदान
बंजार नगर पंचायत में इस बार आरक्षण का एक बेहद रोचक पेच देखने को मिला। प्रशासन ने अध्यक्ष पद को तो अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित किया, लेकिन सात वार्डों में से एक भी वार्ड इस श्रेणी के लिए आरक्षित नहीं था। स्थानीय लोगों ने इस विसंगति को लेकर एसडीएम कार्यालय में शिकायत भी दर्ज कराई थी। हालांकि, आरक्षण रोस्टर में कोई बदलाव नहीं किया गया। भाजपा ने इसी प्रशासनिक चूक को अवसर में बदलते हुए अपनी बिसात बिछा दी।
भाजपा की रणनीति के आगे फेल हुई कांग्रेस
भाजपा ने चतुराई दिखाते हुए वार्ड नंबर छह से अनुसूचित जाति वर्ग की धनवंती देवी को मैदान में उतारा। कांग्रेस इस वार्ड से अपना कोई भी मजबूत उम्मीदवार नहीं दे पाई। नतीजा यह हुआ कि धनवंती देवी बिना किसी विरोध के चुनाव जीत गईं। अब नगर पंचायत के बाकी वार्डों में चुनावी मुकाबला भले ही कितना भी कड़ा क्यों न हो, लेकिन तकनीकी रूप से अध्यक्ष की कुर्सी भाजपा के खाते में जानी तय हो गई है।
नेताओं के दावों से गरमाया कुल्लू का सियासी माहौल
बंजार के विधायक सुरेंद्र शौरी ने इसे भाजपा की बड़ी रणनीतिक जीत बताया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रत्याशी खड़ा करने में नाकाम रही, जिससे अध्यक्ष पद पर अब भाजपा का कब्जा होगा। दूसरी ओर, एपीएमसी कुल्लू के अध्यक्ष राम सिंह मियां ने पलटवार करते हुए कहा कि उनकी समर्थित प्रत्याशी अंत समय में मुकर गईं। उन्होंने दावा किया कि धनवंती देवी ने पहले कांग्रेस के साथ रहने का आश्वासन दिया था, जिससे अब सियासी खींचतान बढ़ गई है।
चुनाव परिणामों से पहले ही जश्न का माहौल
वार्ड छह के इस परिणाम ने बंजार की राजनीति में हलचल मचा दी है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने अभी से जीत का जश्न मनाना शुरू कर दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस की संगठनात्मक कमजोरी इस हार का मुख्य कारण बनी। अब देखना यह होगा कि धनवंती देवी के निर्विरोध चुने जाने के बाद नगर पंचायत के विकास कार्यों में भाजपा किस तरह की नई योजनाएं लेकर आती है और विपक्षी खेमा इस हार से क्या सबक लेता है।

