मंडी में सियासी बिसात: कहीं ‘राजकुमारों’ की साख दांव पर, कहीं अपनों ने ही बागी होकर बढ़ाई मुसीबत!

Himachal News: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में नगर निकाय और जिला परिषद चुनावों का बिगुल बजते ही सियासी सरगर्मी चरम पर है। यह चुनाव महज स्थानीय जनप्रतिनिधियों को चुनने का माध्यम नहीं, बल्कि भाजपा और कांग्रेस के कद्दावर नेताओं के लिए ‘प्रतिष्ठा की जंग’ बन चुके हैं। सदर से लेकर सरकाघाट और बल्ह से लेकर जोगेंद्रनगर तक, दिग्गजों की साख दांव पर लगी है। राजनीतिक जानकार इन चुनावों को आगामी विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल मान रहे हैं, जहां पार्टी पदाधिकारियों और विधायकों के सांगठनिक कौशल की कड़ी परीक्षा होनी है।

मंडी सदर में ‘अपनों’ और ‘किलों’ को बचाने की चुनौती

सदर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा विधायक अनिल शर्मा के सामने अपने पुराने गढ़ को बचाने की बड़ी चुनौती है। नगर निगम मंडी में भाजपा की सत्ता बरकरार रखना उनके राजनीतिक भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है। वहीं, कांग्रेस ने यहां सूक्ष्म स्तर पर घेराबंदी शुरू कर दी है। सबसे कड़ा मुकाबला जिला परिषद के कोटली वार्ड में देखने को मिल रहा है। यहां अनिल शर्मा के प्रभाव क्षेत्र में कांग्रेस की कद्दावर नेता चंपा ठाकुर ने ताल ठोक दी है, जिससे चुनावी जंग बेहद रोमांचक हो गई है।

बल्ह में बगावत के सुर और वर्चस्व की लड़ाई

बल्ह क्षेत्र में भाजपा विधायक इंद्र सिंह गांधी को घर के भीतर ही चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। उनके अपने वार्ड गोड़ागागल में टिकट कटने से नाराज अनिल कुमार ने बगावत का झंडा बुलंद कर दिया है। दूसरी ओर, पूर्व मंत्री प्रकाश चौधरी के लिए प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष बनने के बाद यह पहला बड़ा राजनीतिक इम्तिहान है। रिवालसर नगर पंचायत और नेरचौक नगर परिषद की सीटों पर कांग्रेस पर बेहतर प्रदर्शन करने का भारी दबाव है, जिससे यहां शह-मात का खेल तेज है।

जोगेंद्रनगर और सुंदरनगर में त्रिकोणीय संघर्ष के आसार

जोगेंद्रनगर और सुंदरनगर में भी समीकरण काफी पेचीदा नजर आ रहे हैं। जोगेंद्रनगर में विधायक प्रकाश राणा और कांग्रेस के जीवन ठाकुर के बीच सीधी टक्कर है, लेकिन नेरघरवासड़ा और लांगणा जैसी सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने त्रिकोणीय संघर्ष की स्थिति पैदा कर दी है। सुंदरनगर में विधायक राकेश जम्वाल के लिए सलापड़ वार्ड सिरदर्द बन गया है। यहां पूर्व विधायक शेर सिंह के बेटे मोहित ठाकुर की मजबूत दावेदारी ने भाजपा के परंपरागत वोट बैंक में सेंध लगाने की तैयारी कर ली है।

सरकाघाट और सराज में साख बचाने की जद्दोजहद

सरकाघाट में विधायक दलीप ठाकुर और कांग्रेस महासचिव पवन ठाकुर व यदोपति ठाकुर के बीच ‘नाक की लड़ाई’ जारी है। नगर परिषद की कुर्सी पर कब्जे के लिए दोनों दल अपनी पूरी ताकत झोंक रहे हैं। वहीं, सराज के ब्रयोगी वार्ड में कांग्रेस उपाध्यक्ष चेतराम ठाकुर के बेटे तरुण ठाकुर की एंट्री ने मुकाबले को हाई-प्रोफाइल बना दिया है। भाजपा के इस मजबूत गढ़ में सेंध लगाना कांग्रेस के लिए लोहे के चने चबाने जैसा होगा। युवा विधायक दीप राज के लिए भी करसोग नगर पंचायत की जीत अनिवार्य है।

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