New Delhi News: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक गरिमामय समारोह में देश के 15 नर्सिंग कर्मियों को वर्ष 2026 के ‘राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार’ से सम्मानित किया। इस प्रतिष्ठित सूची में सैन्य नर्सिंग सेवा (MNS) की अतिरिक्त महानिदेशक, मेजर जनरल लिसम्मा पीवी और सिक्किम की वरिष्ठ एएनएम मधु माला गुरुंग जैसे नाम शामिल हैं। इन कर्मियों को स्वास्थ्य सेवा और नर्सिंग के क्षेत्र में उनके असाधारण समर्पण और निस्वार्थ योगदान के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया।
विविध राज्यों से चुनी गईं 15 नर्सिंग प्रतिभाएं
पुरस्कार पाने वाले नर्सिंग योद्धाओं में देश के विभिन्न भौगोलिक हिस्सों का प्रतिनिधित्व देखा गया। इनमें लद्दाख, महाराष्ट्र, मिजोरम, सिक्किम, उत्तराखंड, बंगाल, दिल्ली, गोवा, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और लक्षद्वीप की छह सहायक नर्स दाइयों (ANM) और नौ पंजीकृत नर्सें शामिल हैं। राष्ट्रपति ने इन योद्धाओं की सराहना करते हुए कहा कि नर्सिंग कर्मी सेवा के उच्चतम मानकों का जीवंत उदाहरण हैं और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी वे गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करने में रीढ़ की हड्डी की तरह कार्य करते हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की महत्वपूर्ण पहल
इस अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा भी उपस्थित रहे, जिन्होंने स्वास्थ्य प्रणाली में नर्सों की भूमिका को रेखांकित किया। राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कारों की स्थापना वर्ष 1973 में केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा की गई थी। यह सम्मान प्रतिवर्ष ‘अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस’ के उपलक्ष्य में दिया जाता है। इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के अंतर्गत प्रत्येक विजेता को एक प्रशस्ति पत्र, एक पदक और एक लाख रुपये की नकद राशि प्रदान की जाती है।
वायुसेना ने दी बधाई और ऐतिहासिक महत्व
मेजर जनरल लिसम्मा पीवी की इस उपलब्धि पर भारतीय वायुसेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट साझा कर उन्हें विशेष रूप से बधाई दी। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, आधुनिक स्वास्थ्य चुनौतियों और महामारी जैसे संकटों से निपटने में नर्सों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह पुरस्कार न केवल उनकी पिछली सेवाओं को मान्यता देता है, बल्कि भविष्य के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र में नए पेशेवरों को भी प्रेरित करता है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि नर्सों के कौशल विकास और कल्याण के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

