शेयर बाजार में हाहाकार: सेंसेक्स 1456 अंक टूटा, रुपया गिरा पर सोना-चांदी की कीमतों में लगी आग

New Delhi News: भारतीय वित्तीय बाजार के लिए मंगलवार का दिन भारी उथल-पुथल भरा रहा। जहां एक ओर शेयर बाजार और भारतीय रुपया ऐतिहासिक गिरावट का सामना कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखा गया है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने निवेशकों को असुरक्षित कर दिया है, जिसके चलते वे जोखिम भरे शेयर बाजार से पैसा निकालकर सुरक्षित निवेश के रूप में कीमती धातुओं की ओर रुख कर रहे हैं।

सेंसेक्स और निफ्टी में कोहराम, निवेशकों के डूबे अरबों

मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला लगातार जारी रहा। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 1,456 अंक गिरकर 74,559 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 436 अंक टूटकर 23,379 पर आ गया। पिछले केवल चार कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स ने लगभग 3,500 अंक और निफ्टी ने 1,000 अंक गंवाए हैं। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) द्वारा बड़े पैमाने पर की जा रही बिकवाली ने बाजार की कमर तोड़ दी है, जिससे घरेलू निवेशकों में हड़कंप मच गया है।

डॉलर के मुकाबले रुपया अपने सबसे निचले स्तर पर

वैश्विक तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का सीधा प्रहार भारतीय मुद्रा पर हुआ है। मंगलवार को रुपया 35 पैसे की भारी गिरावट के साथ अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.63 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ। कच्चे तेल की कीमतें 105 डॉलर प्रति बैरल के पार जाने से डॉलर की मांग बढ़ गई है। रुपये की इस कमजोरी ने न केवल आयात को महंगा कर दिया है, बल्कि विदेशी निवेशकों के भरोसे को भी तगड़ी चोट पहुंचाई है।

सर्राफा बाजार में लौटी रौनक, रिकॉर्ड ऊंचाई पर सोना

शेयर बाजार की मंदी के विपरीत दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में ‘आग’ लगी हुई है। 99.9% शुद्धता वाला सोना 1,500 रुपये महंगा होकर 1,56,800 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। यह सोमवार के बंद भाव से करीब 1% अधिक है। चांदी की कीमतों में तो 12,000 रुपये की भारी वृद्धि दर्ज की गई, जिससे यह 2,77,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। विशेषज्ञों के अनुसार, घरेलू बाजार में सोने को रुपये की कमजोरी का सीधा लाभ मिल रहा है।

गिरावट के पीछे ये हैं तीन बड़े कारण

बाजार विश्लेषकों ने इस भारी गिरावट के तीन मुख्य कारण बताए हैं। पहला, विदेशी निवेशकों द्वारा की जा रही अंधाधुंध बिकवाली, जिन्होंने हाल ही में एक ही दिन में 8,000 करोड़ रुपये से अधिक के शेयर बेचे। दूसरा, वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, जिससे महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है। तीसरा प्रमुख कारण एशियाई बाजारों, विशेषकर चीन और कोरिया के बाजारों में आई भारी मंदी है, जिसने वैश्विक स्तर पर नकारात्मक सेंटीमेंट पैदा कर दिया है।

Hot this week

Related News

Popular Categories