Himachal News: मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश के कर्मचारियों और पेंशनरों को बड़ी राहत देते हुए लंबित वित्तीय मामलों को तुरंत निपटाने के आदेश दिए हैं। सरकार ने चतुर्थ श्रेणी पेंशनरों के एरियर और सभी कर्मचारियों के मेडिकल बिलों का भुगतान तय समय सीमा में करने का सख्त रुख अपनाया है। उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद प्रशासन ने सभी विभागों को निर्देश जारी कर दिए हैं। इस फैसले से लंबे समय से भुगतान का इंतजार कर रहे हजारों परिवारों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।
चतुर्थ श्रेणी पेंशनरों के लिए 16 मई की समय सीमा तय
अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) केके पंत ने इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सरकार ने सभी आहरण एवं वितरण अधिकारियों (DDO) को सख्त हिदायत दी है कि वे पेंशनरों के एरियर से जुड़े लंबित बिल तत्काल ट्रेजरी में जमा करें। चतुर्थ श्रेणी पेंशनरों के बकाया एरियर का भुगतान हर हाल में 16 मई तक सुनिश्चित करने को कहा गया है। विभाग को निर्देश मिले हैं कि वे वित्त विभाग के साथ लगातार संपर्क बनाए रखें ताकि बजट संबंधी कोई बाधा न आए।
मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक में मेडिकल रिइम्बर्समेंट यानी चिकित्सा प्रतिपूर्ति के मामलों पर भी विशेष चर्चा हुई। सरकार ने आदेश दिया है कि सभी श्रेणियों के कर्मचारियों के मेडिकल बिल बिना किसी देरी के ट्रेजरी भेजे जाएं। प्रशासन चाहता है कि बीमार कर्मचारियों और रिटायर्ड बुजुर्गों को उनके इलाज पर खर्च हुए पैसे जल्द वापस मिलें। भुगतान प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए तकनीकी बाधाओं को दूर किया जा रहा है। इससे स्वास्थ्य लाभ लेने वाले कर्मचारियों को बड़ी मानसिक और आर्थिक राहत मिलेगी।
इन महत्वपूर्ण विभागों को जारी हुए सख्त आदेश
सरकार के ये ताजा निर्देश पुलिस विभाग के साथ-साथ जेल, होमगार्ड और अग्निशमन सेवाओं के लिए भी लागू होंगे। इसके अलावा विजिलेंस, अभियोजन विभाग और फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी के प्रमुखों को भी पत्र भेजकर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि वित्तीय मामलों में ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों पर जवाबदेही तय की जाएगी। सुक्खू सरकार का यह कदम कर्मचारियों के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने और लंबित विवादों को सुलझाने की दिशा में बड़ा प्रयास है।

