Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव की सरगर्मियां काफी तेज हो गई हैं। चुनाव आयोग के सख्त नियमों का असर अब प्रत्याशियों पर दिखने लगा है। जवाली विधानसभा क्षेत्र की मैरा पंचायत में एक बहुत बड़ा राजनीतिक उलटफेर हुआ है। यहां चुनाव अधिकारी ने पूर्व प्रधान जीत सिंह का नामांकन पत्र तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया है। उन्होंने अपने शपथ पत्र में एक गंभीर आपराधिक मामले की जानकारी पूरी तरह से छिपाई थी। इस खुलासे के बाद उनके सभी समर्थकों में भारी निराशा का माहौल देखा जा रहा है।
पत्नी की हत्या और कोर्ट से मिली सजा
पूर्व प्रधान जीत सिंह पर अपनी ही पत्नी की हत्या का बेहद गंभीर आरोप लगा था। इस जघन्य अपराध के मामले में माननीय उच्च न्यायालय ने उन्हें दोषी करार देते हुए सजा भी सुनाई है। पंचायत चुनाव में नामांकन दाखिल करते समय उन्होंने अपनी आपराधिक पृष्ठभूमि की यह अहम जानकारी चुनाव अधिकारियों से जानबूझकर छुपाई। विपक्षी उम्मीदवारों को जब इस बात की भनक लगी तो उन्होंने इसका कड़ा विरोध किया। विपक्ष ने इस पूरे मामले को चुनाव अधिकारी के सामने बहुत ही जोर-शोर से उठाया।
विपक्ष की कड़ी आपत्ति के बाद प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया। चुनाव अधिकारी विनय चौधरी ने इस गंभीर मामले की निष्पक्ष जांच शुरू कर दी। जांच में पाया गया कि उम्मीदवार ने गलत और अधूरी जानकारी देकर चुनाव नियमों का स्पष्ट उल्लंघन किया है। इसके बाद पंचायत राज एक्ट के कड़े नियमों के तहत विनय चौधरी ने जीत सिंह का नामांकन पत्र खारिज कर दिया। चुनाव अधिकारी ने साफ किया कि गलत हलफनामा किसी भी सूरत में कानूनी रूप से मान्य नहीं होता है।
जीत सिंह का नामांकन रद्द होने से मैरा पंचायत का चुनावी समीकरण पूरी तरह से बदल गया है। प्रधान पद के लिए इस ग्राम पंचायत से कुल पांच उम्मीदवारों ने अपना नामांकन दाखिल किया था। अब एक पर्चा खारिज होने के बाद चुनावी मैदान में केवल चार प्रत्याशी ही बचे हैं। इस बड़े फैसले के बाद से विरोधी खेमे में जीत की उम्मीद काफी बढ़ गई है। चुनाव प्रचार में अब नई रणनीतियां बनाई जा रही हैं और हर प्रत्याशी अपनी पूरी ताकत झोंक रहा है।
धर्मशाला ब्लॉक में भी नामांकन पत्रों की कड़ी छंटनी
दूसरी ओर कांगड़ा जिले के धर्मशाला ब्लॉक में भी पंचायती राज चुनावों के लिए नामांकन पत्रों की छंटनी का काम पूरा हो चुका है। यहां की कुल इकतीस पंचायतों में वार्ड सदस्य पद के लिए भारी संख्या में आवेदन आए थे। चुनाव अधिकारियों ने दस्तावेजों की बारीकी से जांच के बाद वार्ड सदस्य के तीन नामांकन पत्र रद्द कर दिए हैं। खंड विकास अधिकारी अभिनीत कात्यायन ने बताया कि सभी दस्तावेजों की कड़ी जांच पड़ताल हुई है और नियमों के तहत ही यह अहम प्रशासनिक फैसला लिया गया है।
धर्मशाला ब्लॉक की इन इकतीस ग्राम पंचायतों में कुल एक सौ इक्यानवे वार्ड शामिल हैं। इन सभी पदों के लिए कुल सात सौ अठासी नामांकन पत्र दाखिल किए गए थे। इनमें जिला परिषद के लिए सोलह, पंचायत समिति के लिए सत्तर और प्रधान पद के लिए एक सौ पचपन आवेदन शामिल हैं। उप-प्रधान के लिए एक सौ सड़सठ और वार्ड सदस्य के लिए तीन सौ अस्सी लोगों ने पर्चा भरा था। नाम वापसी के बाद ही चुनावी मैदान की असली तस्वीर पूरी तरह से साफ होगी।

