सिरमौर पंचायत चुनाव: 46 पर्चे रद्द, 5935 उम्मीदवार मैदान में; अब नाम वापसी पर टिकी सबकी नजरें!

Sirmour News: हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में पंचायत चुनावों की सरगर्मी तेज हो गई है। नामांकन पत्रों की बारीकी से जांच के बाद चुनावी रण की तस्वीर लगभग साफ हो चुकी है। जिला प्रशासन ने स्क्रूटनी प्रक्रिया पूरी कर 5935 उम्मीदवारों के नामांकन वैध पाए हैं। तकनीकी खामियों के कारण 46 नामांकन रद्द कर दिए गए हैं। अब सबकी नजरें नाम वापसी की तारीख पर टिकी हैं, जिसके बाद ही असली मुकाबला सामने आएगा।

जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त प्रियंका वर्मा ने चुनावी आंकड़ों की विस्तृत जानकारी साझा की है। जिला परिषद सदस्य के लिए 74 नामांकन आए थे, जिनमें से सभी तकनीकी रूप से सही मिले। हालांकि, संगड़ाह ब्लॉक में दो उम्मीदवारों के दोहरी सीटों से पर्चे भरने के कारण अब कुल 72 प्रत्याशी मैदान में हैं। पांवटा साहिब ब्लॉक में सबसे अधिक 24 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, जबकि संगड़ाह में 10 प्रत्याशी चुनाव लड़ेंगे।

पंचायत समिति और प्रधान पद पर कड़ा मुकाबला

पंचायत समिति सदस्य पद के लिए जिले भर से 474 नामांकन प्राप्त हुए थे। जांच के दौरान चार पर्चे निरस्त होने के बाद अब 470 उम्मीदवार चुनावी दौड़ में शामिल हैं। पांवटा साहिब ब्लॉक यहां भी 119 उम्मीदवारों के साथ सबसे आगे चल रहा है। वहीं, प्रधान पद के लिए भी जबरदस्त उत्साह देखा गया। कुल 1430 नामांकनों में से 11 रद्द हुए, जिससे अब 1419 प्रत्याशी विभिन्न पंचायतों में नेतृत्व की दावेदारी पेश करेंगे।

उपप्रधान और वार्ड सदस्य पदों के लिए भी उम्मीदवारों की लंबी फेहरिस्त सामने आई है। उपप्रधान पद के लिए 1204 में से पांच नामांकन खारिज हुए और अब 1199 प्रत्याशी मैदान में डटे हैं। वार्ड सदस्य के चुनाव में सबसे बड़ी भीड़ उमड़ी है, जहां 2801 आवेदनों में से 26 रद्द हुए। वर्तमान में 2775 उम्मीदवार चुनावी दंगल की तैयारी कर रहे हैं। पांवटा साहिब में वार्ड सदस्य के लिए सर्वाधिक 731 प्रत्याशी मैदान में हैं।

नाम वापसी के बाद साफ होगी वास्तविक तस्वीर

अब चुनावी समर का अगला महत्वपूर्ण पड़ाव नाम वापसी की प्रक्रिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नाम वापसी के दौरान कई सीटों पर नाटकीय बदलाव आ सकते हैं। कई पंचायतों में आपसी सहमति बनाने और निर्विरोध चुनाव संपन्न कराने के प्रयास शुरू हो गए हैं। रणनीतिक फैसलों के चलते कुछ दिग्गज उम्मीदवार भी मैदान छोड़ सकते हैं। इसके बाद ही तय होगा कि कहां सीधा मुकाबला है और कहां त्रिकोणीय जंग होगी।

प्रशासन ने पूरी चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए कड़े इंतजाम किए हैं। संवेदनशील बूथों पर कड़ी सुरक्षा और आधुनिक तकनीकों का सहारा लिया जा रहा है। मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की सुविधा के लिए सभी मूलभूत प्रबंध पूरे कर लिए गए हैं। निर्वाचन अधिकारी ने शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए सभी उम्मीदवारों से सहयोग की अपील की है। आने वाले दिनों में प्रचार अभियान और तेज होने की उम्मीद है।

Hot this week

Related News

Popular Categories