West Bengal Assembly: नई भाजपा सरकार का पहला सत्र 15 मई को, विधानसभा सचिवालय ने जारी की अधिसूचना

West Bengal News: पश्चिम बंगाल में नई भाजपा सरकार के गठन के बाद लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं ने गति पकड़ ली है। विधानसभा सचिवालय ने बुधवार रात एक आधिकारिक अधिसूचना जारी कर जानकारी दी है कि नई सरकार का पहला विधानसभा सत्र शुक्रवार, 15 मई को बुलाया गया है। इस सत्र में नवनिर्वाचित विधायक पहली बार सदन की कार्यवाही में हिस्सा लेंगे। राज्यपाल के आदेश पर आहूत यह सत्र राज्य की नई राजनीतिक दिशा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

राज्यपाल के संवैधानिक आदेश पर सत्र का आह्वान

विधानसभा के प्रधान सचिव सौमेंद्र नाथ दास द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक, यह सत्र सुबह 11 बजे से शुरू होगा। राज्यपाल ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 174(1) के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए इस सदन को बुलाया है। इस पहले सत्र के दौरान कई महत्वपूर्ण विधायी और प्रशासनिक विषयों पर चर्चा होने की पूरी संभावना है। सभी नवनिर्वाचित विधायकों को निर्धारित समय पर सदन में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने का अनुरोध किया गया है।

शपथ ग्रहण के ठीक बाद विधायी कामकाज शुरू

राज्य में विधायकों के शपथ ग्रहण की प्रक्रिया दो दिनों तक चलने वाली है, जिसके ठीक अगले दिन यह विशेष सत्र आयोजित किया जा रहा है। बुधवार को पहले चरण में 144 विधायकों ने सदस्यता की शपथ ली थी, जबकि शेष निर्वाचित सदस्यों का शपथ ग्रहण गुरुवार को संपन्न होगा। 294 सदस्यीय सदन में बहुमत के साथ आई नई सरकार इस सत्र के माध्यम से अपनी कार्ययोजना और प्राथमिकताओं को सदन के पटल पर रख सकती है।

सदन के भीतर नई प्रशासनिक शुरुआत

नई सरकार के इस पहले सत्र को लेकर सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। विधानसभा सचिवालय ने स्पष्ट किया है कि यह सत्र ऐतिहासिक है क्योंकि यह दशकों बाद राज्य में हुए बड़े सत्ता परिवर्तन का गवाह बनेगा। शुक्रवार को होने वाली इस बैठक में विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव भी एक मुख्य एजेंडा हो सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों की नजर इस बात पर है कि नई सरकार सदन के भीतर अपनी पहली औपचारिक शुरुआत किस तरह करती है।

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