Gurugram News: अंतरराष्ट्रीय कॉरपोरेट हब के रूप में विख्यात गुरुग्राम में वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर जागरूकता तेज कर दी गई है। पश्चिमी और यूरोपीय देशों में हंता वायरस के मामलों और हालिया अंतरराष्ट्रीय घटनाओं के बाद जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशी पेशेवरों और यात्रियों की निरंतर आवाजाही के कारण गुरुग्राम स्वास्थ्य निगरानी के लिहाज से बेहद संवेदनशील है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि आम जनता के लिए फिलहाल जोखिम बहुत कम है।
कैसे फैलता है संक्रमण और क्या हैं जोखिम क्षेत्र
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, हंता वायरस मुख्य रूप से संक्रमित चूहों के मल, मूत्र और लार के संपर्क में आने से फैलता है। गुरुग्राम में बड़े पैमाने पर चल रहे निर्माण कार्य, बंद गोदाम, बेसमेंट और सीवर क्षेत्र इस संक्रमण के लिए संभावित खतरे वाले स्थान माने जा रहे हैं। धूल भरे निर्माण स्थलों और उन जगहों पर जहां लंबे समय से सफाई नहीं हुई है, वहां संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। विभाग ने इन क्षेत्रों में विशेष सफाई अभियान चलाने की सलाह दी है।
जिले में रैट बाइट के आंकड़ों ने चौंकाया
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, जिले में चूहों के काटने (रैट बाइट) के मामलों में पिछले कुछ वर्षों में उतार-चढ़ाव देखा गया है। वर्ष 2023 में जहां केवल एक मामला सामने आया था, वहीं 2024 में यह संख्या तेजी से बढ़कर 24 तक पहुंच गई। वर्ष 2025 में 9 मामले दर्ज किए गए, जबकि 2026 के शुरुआती महीनों (फरवरी और अप्रैल) में अब तक 3 मामले सामने आ चुके हैं। ये आंकड़े चूहों की रोकथाम के प्रति गंभीरता बरतने का संकेत दे रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग की अपील: सफाई और सतर्कता ही बचाव
गुरुग्राम के सिविल सर्जन डॉ. लोकवीर ने बताया कि स्थानीय स्तर पर हंता वायरस का खतरा फिलहाल बेहद कम है, लेकिन एहतियात बरतना हमारी प्राथमिकता है। जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने घरों और कार्यस्थलों के आसपास साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। चूहों के प्रवेश को रोकने के लिए ठोस उपाय करने और कचरा प्रबंधन को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी संभावित खतरे को शुरुआती स्तर पर ही टाला जा सके।


