West Bengal News: पश्चिम बंगाल के निवासियों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नई और क्रांतिकारी सुविधा की शुरुआत हो गई है। राज्य में पहले से चल रही ‘स्वास्थ्य साथी’ योजना के साथ अब केंद्र सरकार की ‘आयुष्मान भारत’ योजना भी लागू हो गई है। इस राष्ट्रीय योजना का सबसे बड़ा लाभ यह है कि इसके तहत बना कार्ड केवल बंगाल तक सीमित नहीं रहेगा। अब राज्य के नागरिक देश के किसी भी सूचीबद्ध (Empanelled) अस्पताल में अपना इलाज मुफ्त करा सकेंगे। यह उन परिवारों के लिए बड़ी राहत है, जिन्हें जटिल सर्जरी या गंभीर बीमारियों के बेहतर इलाज हेतु दिल्ली, मुंबई या दक्षिण भारत के बड़े अस्पतालों का रुख करना पड़ता है।
पात्रता के नियम और कौन उठा सकता है लाभ
आयुष्मान भारत योजना का लाभ विशेष रूप से उन वर्गों को दिया जाता है, जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं। इसकी पात्रता मुख्य रूप से 2011 की जनगणना (SECC 2011) पर आधारित है। ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे मकानों में रहने वाले, भूमिहीन मजदूर और महिला प्रधान परिवार इसके दायरे में आते हैं। वहीं शहरी क्षेत्रों में कचरा बीनने वाले, घरेलू कामगार, रेहड़ी-पटरी वाले और कम आय वाले पेशेवर जैसे प्लंबर व मोची इस योजना के लिए पात्र माने गए हैं। जिन परिवारों के पास वैध राशन कार्ड है और वे गरीबी रेखा (BPL) के नीचे हैं, वे आधिकारिक पोर्टल पर अपनी पात्रता की जांच तुरंत कर सकते हैं।
सालाना 5 लाख का कवर और उपचार की सुविधाएं
इस योजना के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का कैशलेस स्वास्थ्य कवर प्रदान किया जाता है। इस बीमा राशि में अस्पताल में भर्ती होने से लेकर सर्जरी, दवाएं, डायग्नोस्टिक जांच और डिस्चार्ज के बाद के खर्च भी शामिल होते हैं। कैंसर, किडनी रोग और हृदय रोगों जैसी 1,300 से अधिक गंभीर बीमारियों को इस योजना के पैकेज में कवर किया गया है। लाभार्थी को अस्पताल में भर्ती होते समय एक रुपया भी खर्च नहीं करना पड़ता, बशर्ते वह अस्पताल योजना के तहत रजिस्टर्ड हो।
कार्ड बनवाने की सरल ऑनलाइन और ऑफलाइन प्रक्रिया
आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट pmjay.gov.in पर जाकर ‘Am I Eligible’ लिंक के जरिए लिस्ट में अपना नाम जांचें। यदि आपका नाम शामिल है, तो आप नजदीकी ‘जन सेवा केंद्र’ (CSC) या सरकारी अस्पताल के आयुष्मान हेल्प डेस्क पर जा सकते हैं। आवेदन के लिए राशन कार्ड, सक्रिय मोबाइल नंबर और पहचान पत्र की आवश्यकता होती है। अब ‘Ayushman App’ के माध्यम से फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए घर बैठे भी ई-केवाईसी पूरी की जा सकती है। डेटा वेरिफिकेशन के बाद डिजिटल कार्ड डाउनलोड किया जा सकता है, जो देशभर में इलाज के लिए मान्य होगा।

