Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनावों की सरगर्मी तेज हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनावी प्रक्रियाओं को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए कमर कस ली है। इसी कड़ी में, आयोग ने पोलिंग पार्टियों और मत पेटियों को मतदान केंद्रों तक पहुंचाने के लिए हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) से 400 बसों की मांग की है। हालांकि, निगम ने स्पष्ट किया है कि बसों की बुकिंग तभी पक्की होगी, जब निर्धारित राशि का 50 प्रतिशत अग्रिम भुगतान किया जाएगा।
साढ़े तीन करोड़ रुपये के अग्रिम भुगतान की मांग
अधिकारियों के अनुसार, पंचायत चुनाव के दौरान बसों के परिचालन पर लगभग सात करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। एचआरटीसी प्रबंधन ने नए नियमों का हवाला देते हुए राज्य निर्वाचन आयोग से साढ़े तीन करोड़ रुपये की अग्रिम राशि मांगी है। निगम ने आयोग को लिखे पत्र में यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि मतदान के लिए भेजी जाने वाली बसें तकनीकी रूप से दुरुस्त हों, ताकि दुर्गम पहाड़ी रास्तों पर चुनाव कर्मियों को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
तीन चरणों में संपन्न होगी चुनावी प्रक्रिया
राज्य की 3754 पंचायतों में कुल 31182 पदों के लिए तीन चरणों में मतदान होगा। पहले चरण की वोटिंग 26 मई को निर्धारित है, जिसके लिए पोलिंग पार्टियां 24 और 25 मई को रवाना होंगी। इसके बाद दूसरे चरण का मतदान 28 मई और तीसरे चरण का 30 मई को होगा। खास बात यह है कि मतदान के दिन ही वोटों की गिनती की जाएगी और प्रधान, उप-प्रधान सहित वार्ड सदस्यों के परिणाम उसी शाम घोषित कर दिए जाएंगे।
आम जनता की बढ़ सकती हैं मुश्किलें
एक साथ 400 बसों के चुनावी ड्यूटी पर जाने से हिमाचल के कई ग्रामीण रूटों पर परिवहन सेवा प्रभावित हो सकती है। एचआरटीसी पहले से ही बसों की कमी और पुरानी गाड़ियों के खराब होने की समस्या से जूझ रहा है। ऐसे में नियमित यात्रियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। गौरतलब है कि निगम ने नवंबर 2024 में अपने नियमों में बदलाव किया था, ताकि सरकारी कार्यक्रमों के बाद होने वाली भुगतान संबंधी देरी से बचा जा सके।

