Uttarakhand News: ऋषिकेश पुलिस ने एक बड़े रंगदारी मामले का खुलासा करते हुए मास्टरमाइंड समेत तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों ने एक कारोबारी को हत्या के प्रयास और लूट जैसे गंभीर मामलों में फंसाने का डर दिखाकर 25 लाख रुपये की मांग की थी। पुलिस ने इनके पास से 1.83 लाख रुपये की नकदी और घटना में इस्तेमाल मोबाइल फोन बरामद किए हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रमेंद्र सिंह डोबाल के कड़े रुख के बाद यह त्वरित कार्रवाई हुई है।
होटल विवाद को बनाया वसूली का जरिया
पूरा मामला बीते रविवार को ऋषिकेश के दून मार्ग स्थित एक होटल में दो कारोबारियों के बीच हुए विवाद से शुरू हुआ। पुलिस ने इस मामले में क्रॉस मुकदमा दर्ज किया था। इसी विवाद का फायदा उठाते हुए मुख्य आरोपित अनुज गोयल ने खुद को ‘पुलिस सेटिंग’ वाला व्यक्ति बताया। उसने पीड़ित अतुल गुप्ता को डराया कि उसे जेल जाने से बचाने के लिए 20 से 25 लाख रुपये खर्च करने होंगे और शुरुआती तौर पर दो लाख रुपये वसूल भी लिए।
षड्यंत्र का हुआ भंडाफोड़
पीड़ित की शिकायत और एसएसपी के आदेश पर पुलिस ने जब जांच शुरू की, तो परतें खुलने लगीं। पुलिस ने सबसे पहले शुभम चौहान को पकड़ा, जिसकी निशानदेही पर उसके घर से 1.83 लाख रुपये नकद मिले। इसके बाद पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता अनुज गोयल को लच्छीवाला क्षेत्र से और उसके साथी आदित्य लोधी को डोईवाला से हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपितों ने स्वीकार किया कि उन्होंने धन उगाही के लिए यह पूरा जाल बुना था।
डिजिटल सबूतों ने खोली आरोपितों की पोल
गिरफ्तार आरोपितों के मोबाइल फोन की जांच में पुलिस को अहम सुराग मिले हैं। अनुज गोयल के व्हाट्सएप चैट और कॉल रिकॉर्ड्स से यह स्पष्ट हो गया है कि वह लगातार पीड़ित को धमका रहा था और पैसों के लिए दबाव बना रहा था। पुलिस का कहना है कि यह एक सुनियोजित षड्यंत्र था, जिसमें पुलिस का नाम लेकर डराने की कोशिश की गई। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य संभावित संपर्कों की भी तलाश कर रही है।

