हंतावायरस का खौफ: विदेशी क्रूज पर मौत के बाद उत्तर कोरिया में अलर्ट, भारतीय नागरिक सुरक्षित

North Korea News: अटलांटिक महासागर में एक विदेशी क्रूज जहाज पर हंतावायरस (Hantavirus) के प्रकोप ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। इस खतरनाक वायरस के संक्रमण से अब तक तीन यात्रियों की मौत हो चुकी है। उत्तर कोरिया ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए अपने नागरिकों को सतर्क रहने के निर्देश जारी किए हैं। यह सक्रियता वर्षों पहले कोविड-19 महामारी के दौरान प्योंगयांग द्वारा अपनाई गई सख्त रणनीति की याद दिलाती है।

उत्तर कोरिया ने जारी किया स्वच्छता अलर्ट

सत्ताधारी वर्कर्स पार्टी के मुखपत्र ‘रोडोंग सिमनुम’ ने हंतावायरस के खतरे को प्रमुखता से प्रकाशित किया है। अखबार ने इस प्रकोप को वैश्विक समुदाय के लिए गंभीर खतरा बताया है। उत्तर कोरियाई प्रशासन ने जनता से संक्रमित चूहों से दूर रहने और कार्यस्थलों पर कड़ी स्वच्छता बनाए रखने का आग्रह किया है। अधिकारियों का मानना है कि व्यक्तिगत स्वच्छता ही इस संक्रमण के प्रसार को रोकने का एकमात्र प्रभावी तरीका है।

अमेरिकी स्वास्थ्य एजेंसी ने सक्रिय किया केंद्र

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (CDC) ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए लेवल-3 की आपातकालीन प्रतिक्रिया जारी की है। इसके साथ ही आपातकालीन संचालन केंद्र को भी पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है। अर्जेंटीना से रवाना हुए ‘एमवी होंडियस’ जहाज पर हुई मौतों के बाद अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंसियां अलर्ट पर हैं। इस कवरेज का उद्देश्य जनता को संभावित वायरस प्रसार के प्रति सचेत करना है।

जहाज पर मौजूद भारतीय नागरिक सुरक्षित

इस बीच, स्पेन के मैड्रिड स्थित भारतीय दूतावास ने राहत भरी खबर दी है। प्रभावित क्रूज जहाज पर सवार दो भारतीय नागरिक पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनमें संक्रमण के कोई लक्षण नहीं पाए गए हैं। डच ध्वज वाला यह जहाज लगभग 150 लोगों के साथ स्पेन पहुंचा है। दोनों भारतीय नागरिक चालक दल के सदस्य हैं और उन्हें सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत नीदरलैंड ले जाकर क्वारंटाइन किया गया है।

उत्तर कोरिया की पुरानी यादें हुईं ताजा

उत्तर कोरिया की इस त्वरित प्रतिक्रिया ने कोविड-19 के दौर के लॉकडाउन की यादें ताजा कर दी हैं। उस समय प्योंगयांग ने अपनी सीमाओं को पूरी तरह सील कर दिया था। उस फैसले से चीन और रूस जैसे व्यापारिक साझेदारों के साथ आर्थिक संबंध प्रभावित हुए थे और अर्थव्यवस्था को काफी नुकसान पहुंचा था। फिलहाल, भारतीय राजदूत स्पेनिश अधिकारियों के संपर्क में हैं और भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निगरानी कर रहे हैं।

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