वैश्विक संकट के बावजूद भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर, पड़ोसी देशों में हाहाकार

New Delhi: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान युद्ध के वैश्विक संकट के बीच भारत में ईंधन की कीमतों ने स्थिरता का एक नया उदाहरण पेश किया है। जहां दुनिया के विकसित देशों और भारत के पड़ोसी मुल्कों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें आसमान छू रही हैं, वहीं भारतीय घरेलू बाजार में दाम स्थिर बने हुए हैं। यह स्थिरता तब बनी हुई है जब भारतीय तेल कंपनियों को प्रतिदिन लगभग 1,000 करोड़ रुपये का वित्तीय नुकसान उठाना पड़ रहा है।

पड़ोसी देशों में ईंधन की कीमतों में जबरदस्त उछाल

ग्लोबल पेट्रोल प्राइस डॉट कॉम की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, भारत के पड़ोसी देशों में स्थिति काफी चिंताजनक है। ईरान युद्ध के प्रभाव के चलते पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमतों में 60.7 प्रतिशत की भारी वृद्धि दर्ज की गई है। श्रीलंका और नेपाल जैसे देशों में भी ईंधन के दाम 38 से 58 प्रतिशत तक बढ़ चुके हैं। इन देशों में बढ़ती परिवहन लागत ने आम जनता की आर्थिक स्थिति को काफी प्रभावित किया है।

एशियाई देशों और न्यूजीलैंड में रिकॉर्ड महंगाई

ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का असर केवल दक्षिण एशिया तक सीमित नहीं है। लाओस में डीजल की कीमतों में 149.7 प्रतिशत का ऐतिहासिक उछाल आया है, जबकि म्यांमार में भी डीजल 103 प्रतिशत से अधिक महंगा हो गया है। फिलीपींस और मलेशिया जैसे देशों में भी पेट्रोल-डीजल की दरें 50 से 70 प्रतिशत तक बढ़ गई हैं। न्यूजीलैंड में भी डीजल के दामों में 88.6 प्रतिशत की तेजी देखी गई है।

अमेरिका और यूएई पर भी पड़ा अंतरराष्ट्रीय दबाव

दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था अमेरिका भी इस वैश्विक ऊर्जा संकट से अछूता नहीं रहा है। अमेरिका में पेट्रोल की कीमतों में 46 प्रतिशत और डीजल में 48 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) जैसे तेल उत्पादक क्षेत्र में भी डीजल के रेट 86 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि भारत ने वैश्विक दबाव के बावजूद अपने नागरिकों को बड़ी राहत प्रदान की है।

भारतीय तेल कंपनियों के लिए बड़ी चुनौती

भारत में कीमतों को स्थिर रखने का सीधा बोझ सरकारी तेल विपणन कंपनियों पर पड़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के बावजूद घरेलू दरों में बदलाव न होने से कंपनियों को भारी घाटा हो रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू खपत कम करने की अपीलों और प्रभावी प्रबंधन के कारण सरकार अब तक कीमतों को नियंत्रित करने में सफल रही है, जो कि एक बड़ी उपलब्धि है।

प्रमुख भारतीय शहरों में आज के ताजा भाव

देश के महानगरों और प्रमुख शहरों में आज भी पुरानी दरें ही प्रभावी हैं। राजधानी दिल्ली में पेट्रोल ₹94.77 और डीजल ₹87.67 प्रति लीटर पर उपलब्ध है। वहीं, उत्तर प्रदेश के लखनऊ में पेट्रोल ₹95.34 और आगरा में ₹94.51 प्रति लीटर बिक रहा है। बिहार की राजधानी पटना में पेट्रोल की कीमत ₹105.71 है, जबकि कोलकाता में यह ₹104.99 प्रति लीटर के स्तर पर बना हुआ है। गुलाबी नगरी जयपुर में आज पेट्रोल ₹104.72 और डीजल ₹90.21 प्रति लीटर की दर से मिल रहा है।

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