New Delhi: भारत के ऊर्जा क्षेत्र के लिए दो बेहद सकारात्मक खबरें सामने आई हैं। फारस की खाड़ी में जारी तनाव के बीच एलपीजी टैंकर ‘एमवी सनशाइन’ सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर भारत की ओर बढ़ रहा है। वहीं, घरेलू मोर्चे पर उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में आज कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे आम आदमी के रसोई बजट को बड़ी स्थिरता मिली है।
सुरक्षित गलियारे से निकला 15वां एलपीजी टैंकर
एएनआई के सूत्रों के अनुसार, ‘एमवी सनशाइन’ उन 15 टैंकरों में शामिल है जिन्हें फारस की खाड़ी के अशांत क्षेत्रों से सुरक्षित निकाला गया है। भारतीय नौसेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियां इस जहाज की यात्रा पर कड़ी नजर रख रही हैं ताकि भारत को होने वाली एलपीजी आपूर्ति में कोई बाधा न आए। वैश्विक भू-राजनीतिक अस्थिरता के दौर में ईंधन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना भारत के लिए एक बड़ी रणनीतिक सफलता मानी जा रही है।
प्रमुख शहरों में एलपीजी सिलेंडर के ताजा भाव
देश के विभिन्न हिस्सों में आज एलपीजी की दरें स्थिर बनी हुई हैं। राजधानी दिल्ली में 14.2 किलो वाला घरेलू सिलेंडर ₹913 में मिल रहा है, जबकि कमर्शियल सिलेंडर की कीमत ₹3,071.50 है। उत्तर प्रदेश के लखनऊ में घरेलू गैस ₹950.50 और गोरखपुर में ₹975 प्रति सिलेंडर बिक रही है। वहीं, बिहार की राजधानी पटना में घरेलू सिलेंडर का भाव ₹1002.50 है, जबकि कोलकाता में यह ₹939 के स्तर पर बना हुआ है।
वैश्विक औसत से काफी सस्ता है भारतीय एलपीजी
ग्लोबल पेट्रोल प्राइसेज द्वारा जारी हालिया आंकड़ों के अनुसार, भारत में एलपीजी की कीमतें दुनिया के औसत भाव से काफी कम हैं। विश्व स्तर पर एलपीजी की औसत कीमत जहां ₹86.19 प्रति लीटर है, वहीं भारत में यह मात्र ₹66.73 प्रति लीटर के आसपास है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमतें समान होने के बावजूद, भारत सरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी और टैक्स प्रबंधन के कारण घरेलू उपभोक्ताओं को वैश्विक महंगाई से सुरक्षा मिल रही है।
क्षेत्रीय स्तर पर कीमतों में मामूली अंतर का कारण
विभिन्न राज्यों और शहरों के बीच एलपीजी की कीमतों में आने वाला अंतर मुख्य रूप से स्थानीय करों (Local Taxes) और परिवहन लागत (Transportation Cost) पर निर्भर करता है। आगरा में आज घरेलू सिलेंडर ₹924.50 और जयपुर में ₹916.50 का बिक रहा है। दक्षिण भारत के प्रमुख शहर बेंगलुरु में 14 किलो वाले सिलेंडर की दर ₹915.50 तय की गई है। पांच किलो वाले छोटे सिलेंडरों की कीमतें भी अलग-अलग शहरों में ₹339 से ₹371 के बीच बनी हुई हैं।
आपूर्ति श्रृंखला और भविष्य की रणनीति
विशेषज्ञों का मानना है कि ‘एमवी सनशाइन’ जैसे टैंकरों का सुरक्षित आगमन भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। सरकार का लक्ष्य है कि अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता के बावजूद घरेलू बाजार में गैस की किल्लत न हो। कंपनियां लगातार अपनी आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत कर रही हैं ताकि भविष्य में भी कीमतों को नियंत्रित रखा जा सके। फिलहाल, वैश्विक उतार-चढ़ाव के बीच भारतीय उपभोक्ताओं के लिए स्थिर कीमतें एक बड़ी राहत के रूप में देखी जा रही हैं।

