राष्ट्रपति चुनाव: विधानसभा चुनावों में जीत के बाद बीजेपी का पलड़ा हुआ भारी

New Delhi News: लोकसभा चुनाव में कम सीटें मिलने के बावजूद भारतीय जनता पार्टी मजबूत स्थिति में है। हालिया विधानसभा चुनावों में एनडीए को शानदार सफलता मिली है। महाराष्ट्र और बिहार जैसे राज्यों में गठबंधन ने अपनी ताकत बढ़ाई है। इन जीतों से लोकसभा के नुकसान की भरपाई हो गई है। राज्यसभा में भी पार्टी सांसदों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। अगले साल होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में बीजेपी को इसका सीधा फायदा मिलेगा।

कैसे बनता है निर्वाचक मंडल

संसद और विधानसभाओं के चुने हुए सदस्य मिलकर निर्वाचक मंडल बनाते हैं। मनोनीत सांसदों को इस चुनाव में वोट डालने का अधिकार नहीं मिलता है। वोटिंग में संसद और विधानसभाओं का बराबर हिस्सा माना जाता है। हर सांसद के वोट का मूल्य हमेशा एक समान रहता है। वहीं विधायक के वोट का वजन राज्य की आबादी पर निर्भर करता है। इसके लिए 1971 की जनगणना के आंकड़ों का ही आधार लिया जाता है।

राज्यों के वोट मूल्य में बड़ा अंतर

अलग-अलग राज्यों के विधायकों के वोट की कीमत अलग होती है। उत्तर प्रदेश के एक विधायक के वोट का मूल्य देश में सबसे ज्यादा है। साल 2022 में यूपी के विधायक का वोट मूल्य 208 था। वहीं सिक्किम के एक विधायक के वोट का मूल्य केवल सात था। लोकसभा में बीजेपी की सीटें 303 से घटकर 240 हो गई थीं। इससे निर्वाचक मंडल में पार्टी के करीब 44,100 वोट कम हो गए।

विधानसभा चुनावों से एनडीए को मिला बल

विपक्ष ने आम चुनाव के बाद सरकार गिरने का दावा किया था। लेकिन गठबंधन ने हरियाणा में शानदार जीत दर्ज कर वापसी की है। महाराष्ट्र में एनडीए विधायकों की कुल संख्या 237 हो गई है। बिहार विधानसभा में भी यह आंकड़ा बढ़कर 202 तक पहुंच गया है। पश्चिम बंगाल में बीजेपी के पास अब 207 विधायक मौजूद हैं। इन सभी सफलताओं से राष्ट्रपति चुनाव में एनडीए का पक्ष मजबूत है।

Hot this week

मंडी नगर निगम चुनाव: सीएम सुक्खू का बड़ा दांव, पार्षदों को मिलेगा 50 लाख का ब्लैंक चेक?

Mandi News: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू...

Related News

Popular Categories