Health News: पित्त की थैली (गॉल ब्लैडर) में पथरी की समस्या आज के समय में काफी आम हो गई है। लिवर के ठीक नीचे स्थित यह छोटा सा अंग पाचन क्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, जब पित्त में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ जाती है या लिक्विड सूखने लगता है, तो यह धीरे-धीरे सख्त होकर स्टोन का रूप ले लेता है। अक्सर इसका अंतिम उपचार सर्जरी ही माना जाता है, जिसमें गॉल ब्लैडर को शरीर से हटा दिया जाता है। समय रहते अपनी खान-पान की आदतों में सुधार कर इस गंभीर दर्द और सर्जरी की नौबत से बचा जा सकता है।
बेकरी प्रोडक्ट्स और मैदा का अत्यधिक सेवन
मैदा से बनी चीजें जैसे सफेद ब्रेड, कुकीज और रस्क हमारे पित्ताशय के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकती हैं। इन बेकरी फूड्स को तैयार करने में सैचुरेटेड और ट्रांस फैट का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाता है। ये तत्व गॉल ब्लैडर में कोलेस्ट्रॉल की परत को मोटा करने का काम करते हैं। जिन्हें पहले से पित्त की थैली में हल्की लेयर या संक्रमण की शिकायत हो, उन्हें इन रिफाइंड कार्ब्स वाले फूड्स से पूरी तरह दूरी बना लेनी चाहिए।
एनिमल प्रोटीन और कैल्शियम स्टोन का खतरा
गॉल ब्लैडर को स्वस्थ रखने के लिए एनिमल प्रोटीन का सेवन सीमित मात्रा में करना अनिवार्य है। अत्यधिक मात्रा में मांस या मछली खाने से शरीर में यूरिक एसिड और कैल्शियम का स्तर बढ़ जाता है, जिससे गॉल स्टोन होने का जोखिम काफी अधिक हो जाता है। रिपोर्ट्स बताती हैं कि जो लोग अपनी डाइट में एनिमल प्रोटीन ज्यादा लेते हैं, उनमें कैल्शियम स्टोन बनने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए, प्रोटीन के लिए दालों और अन्य शाकाहारी स्रोतों को प्राथमिकता देनी चाहिए।
चीनी और रिफाइंड कार्ब्स बढ़ाते हैं कोलेस्ट्रॉल
मिठाइयां और चीनी से बनी चीजें शरीर में रिफाइंड कार्ब्स की मात्रा बढ़ाती हैं, जो पित्त की थैली के लिए जहर के समान काम करती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ज्यादा चीनी के सेवन से कोलेस्ट्रॉल गाढ़ा हो जाता है, जिससे न केवल हृदय रोगों का खतरा बढ़ता है, बल्कि गॉल ब्लैडर में स्टोन बनने की प्रक्रिया भी तेज हो जाती है। यदि आप पित्त की थैली को सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो मीठे पदार्थों का सेवन न्यूनतम स्तर पर लाना एक समझदारी भरा कदम होगा।
कॉफी और सोडा ड्रिंक्स से बढ़ सकती है समस्या
आजकल के वर्क कल्चर में कॉफी और सोडा ड्रिंक्स का चलन बहुत बढ़ गया है, लेकिन ये ड्रिंक्स गॉल ब्लैडर के लिए परेशानी खड़ी कर सकते हैं। सोडा में मौजूद फॉस्फोरिक एसिड स्टोन बनने की प्रक्रिया को उत्तेजित करता है। इसी तरह, कॉफी का अत्यधिक सेवन भी पित्त की थैली से जुड़ी समस्याओं को बढ़ा सकता है। स्वस्थ व्यक्ति को भी दिन में एक या दो कप से ज्यादा कॉफी नहीं पीनी चाहिए। पथरी से बचने के लिए सोडा के बजाय सादा पानी और प्राकृतिक तरल पदार्थों का सेवन सबसे उत्तम है।

