Noida News: फिट रहने और वजन कम करने के लिए अक्सर 10,000 कदम चलने की सलाह दी जाती है, लेकिन हालिया शोध ने इस धारणा को बदल दिया है। कैलाश हॉस्पिटल, नोएडा के सीनियर कंसल्टेंट (इंटरनल मेडिसिन) द्वारा पुष्ट तथ्यों के अनुसार, रोजाना महज 8,500 कदम चलना भी वजन संतुलित रखने के लिए पर्याप्त है। नई रिसर्च बताती है कि यह लक्ष्य न केवल हासिल करने में आसान है, बल्कि शरीर के बढ़े हुए वजन को दोबारा वापस आने से रोकने में भी अत्यधिक प्रभावशाली साबित होता है।
क्या कहती है साल 2026 की यह नई वैज्ञानिक स्टडी?
यूरोपीय कांग्रेस ऑन ओबेसिटी (2026) में प्रस्तुत एक व्यापक अध्ययन में अमेरिका, यूके, ऑस्ट्रेलिया और जापान के 3,700 से अधिक वयस्कों को शामिल किया गया। शोधकर्ताओं ने पाया कि जो लोग कम कैलोरी डाइट के साथ अपनी फिजिकल एक्टिविटी बढ़ाकर रोजाना 8,500 कदम तक ले गए, उनका वजन औसतन 4.4 प्रतिशत तक कम हुआ। सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि यह समूह अपने घटे हुए वजन को लंबे समय तक स्थिर बनाए रखने में सफल रहा, जबकि केवल डाइटिंग करने वालों में ऐसा सुधार नहीं देखा गया।
8,500 कदम चलने के शारीरिक और मेटाबॉलिक लाभ
पैदल चलना मेटाबॉलिक हेल्थ में सुधार करने का सबसे सरल और प्रभावी तरीका माना जाता है। रोजाना 8,500 कदम चलने से न केवल वजन नियंत्रित रहता है, बल्कि यह टाइप-2 डायबिटीज के खतरे को भी काफी हद तक कम कर देता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इतने कदम चलने से शरीर की मांसपेशियां सक्रिय रहती हैं और मेटाबॉलिज्म तेज होता है, जिससे कैलोरी बर्न करने की क्षमता बढ़ती है। यह रूटीन उन लोगों के लिए भी वरदान है जो 10,000 कदम के लक्ष्य को कठिन मानकर एक्सरसाइज छोड़ देते हैं।
हृदय स्वास्थ्य और हड्डियों की मजबूती पर असर
नियमित रूप से 8,500 कदम की सैर हृदय रोगों के जोखिम को कम करने में भी सहायक पाई गई है। यह रक्त संचार को बेहतर बनाता है और शरीर के लचीलेपन को बरकरार रखता है। हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञ यह सलाह भी देते हैं कि जिन लोगों को हड्डियों या जोड़ों से संबंधित पुरानी समस्या है, उन्हें अपनी क्षमता के अनुसार ही चलना चाहिए। विशेषज्ञों की देखरेख में बनाया गया वॉकिंग प्लान मांसपेशियों के नुकसान (मसल लॉस) को रोकने और शरीर को सुडौल बनाने में सबसे ज्यादा मददगार साबित होता है।

