Gardening News: घर की बगिया में लगे लाल टमाटर न केवल रसोई का स्वाद बढ़ाते हैं, बल्कि देखने में भी बेहद आकर्षक लगते हैं। हालांकि, तापमान में थोड़ी भी बढ़ोतरी होते ही टमाटर का पौधा सबसे पहले झुलसने और सूखने लगता है। अक्सर पानी का गलत संतुलन, मिट्टी में पोषक तत्वों की कमी या तेज धूप के कारण पत्तियां पीली पड़ जाती हैं और फल आना बंद हो जाते हैं। लेकिन गार्डनिंग एक्सपर्ट्स के अनुसार, एक खास घरेलू उपाय से मरते हुए पौधे को भी फिर से हरा-भरा बनाया जा सकता है।
आखिर क्यों समय से पहले सूखने लगता है टमाटर?
टमाटर का पौधा अपनी ग्रोथ के लिए मिट्टी से भारी मात्रा में नाइट्रोजन, पोटैशियम और कैल्शियम सोखता है। जब मिट्टी में इन तत्वों की कमी हो जाती है, तो तना कमजोर होने लगता है। इसके अलावा, अत्यधिक पानी देने से जड़ें सड़ जाती हैं और कम पानी देने से पौधा निर्जलीकरण (Dehydration) का शिकार हो जाता है। तेज गर्मी या लू के थपेड़े भी पौधे की कोशिकाओं को नष्ट कर देते हैं, जिससे वह सूखने की कगार पर पहुंच जाता है।
पोटैशियम का पावरहाउस: केले के छिलके की खाद
सूख रहे पौधे के लिए ‘केले के छिलके की खाद’ एक संजीवनी बूटी की तरह काम करती है। केले के छिलकों में फास्फोरस, कैल्शियम और विशेष रूप से पोटैशियम प्रचुर मात्रा में होता है। यह खनिज न केवल पौधे की जड़ों को मजबूती देता है, बल्कि फूलों को झड़ने से रोककर उन्हें फलों में बदलने में मदद करता है। इस जैविक खाद के इस्तेमाल से मिट्टी की उर्वरता वापस लौट आती है और पौधा दोबारा नई शाखाएं निकालने लगता है।
घर पर खाद बनाने की आसान और सटीक विधि
केले के छिलके की खाद तैयार करना बेहद सरल है और इसमें एक पैसा भी खर्च नहीं होता। सबसे पहले केले के छिलकों को छोटे टुकड़ों में काटकर एक बर्तन में रखें और उन्हें 24 से 48 घंटों के लिए पानी में भिगो दें। जब पानी का रंग गहरा हो जाए, तो छिलकों को छानकर अलग कर लें। इस पोषक तत्वों से भरपूर लिक्विड को सीधे पौधे की जड़ों में डालें। कुछ ही दिनों में आप देखेंगे कि कमजोर पौधा धीरे-धीरे रिकवर करने लगा है।
पौधे की बेहतर ग्रोथ के लिए कुछ जरूरी सावधानियां
खाद डालने के साथ-साथ पौधे की सही देखभाल भी अनिवार्य है। ध्यान रहे कि टमाटर के पौधे को ऐसी जगह रखें जहां उसे पर्याप्त धूप मिले, लेकिन दोपहर की सीधी और चुभती गर्मी से उसे बचाएं। सिंचाई हमेशा सुबह या शाम के वक्त ही करें ताकि नमी लंबे समय तक बनी रहे। मिट्टी की ऊपरी सतह सूखने पर ही पानी दें और समय-समय पर गुड़ाई करते रहें। इन छोटी-छोटी बातों और केले की खाद के मेल से आपका बगीचा टमाटरों से लद जाएगा।

