Weather News: भारत के तटीय राज्यों पर एक बार फिर चक्रवाती तूफान का खतरा मंडरा रहा है। मौसम विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, 8 से 9 मई 2026 के बीच केरल तट और दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के पास एक चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) बनने की प्रबल संभावना है। यह सिस्टम आगे चलकर एक शक्तिशाली तूफान का रूप ले सकता है। हालांकि, अभी इसके सटीक मार्ग और लैंडफॉल (जमीन से टकराने) को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, लेकिन विशेषज्ञों ने तटीय इलाकों में रहने वालों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
विशेषज्ञों की राय और विदेशी मॉडलों के संकेत
शिक्षा एवं अनुसंधान (SOA) विश्वविद्यालय के जलवायु केंद्र के निदेशक शरत चंद्र साहू ने बताया कि चक्रवात की तीव्रता और दिशा का सही आकलन 8 मई के बाद ही संभव हो पाएगा। वर्तमान में वैश्विक मौसम मॉडल अलग-अलग दिशाओं की ओर इशारा कर रहे हैं। कुछ मॉडल इसे बंगाल की खाड़ी के साथ ओडिशा या पश्चिम बंगाल तट की ओर बढ़ता दिखा रहे हैं, जबकि कुछ में इसके अरब सागर की ओर मुड़ने की संभावना जताई गई है। अगले 72 घंटों में वायुमंडलीय दबाव की स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही लैंडफॉल का सस्पेंस खत्म होगा।
ओडिशा में कालबैसाखी का कहर और ऑरेंज अलर्ट
चक्रवात की आहट के बीच ओडिशा में ‘कालबैसाखी’ (Nor’wester) का प्रभाव भी तेज हो गया है। मौसम विभाग ने 6 मई तक तटीय और उत्तरी ओडिशा के कई जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और भारी बारिश की संभावना है। सुंदरगढ़, संबलपुर और अंगुल जैसे जिलों में ओलावृष्टि की भी चेतावनी दी गई है। प्रशासन ने मछुआरों को समुद्र में न जाने और किसानों को कटी हुई फसल सुरक्षित स्थानों पर रखने के निर्देश दिए हैं।


