हिमाचल में कुदरत का कहर: भारी बर्फबारी और आंधी-तूफान का ऑरेंज अलर्ट, बीआरओ ने खोला लेह मार्ग

Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम ने एक बार फिर करवट बदली है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। रोहतांग, बारालाचा और शिंकुला दर्रे में मंगलवार को ताजा हिमपात दर्ज किया गया, जबकि निचले इलाकों में बारिश ने पारा गिरा दिया है। मौसम विभाग ने आगामी 13 मई को शिमला, मंडी और कुल्लू सहित कई जिलों में 50 किमी की रफ्तार से आंधी चलने और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

बर्फबारी और आंधी से बिगड़े हालात, सैकड़ों ट्रांसफार्मर ठप

राज्य में खराब मौसम के कारण बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे स्थानीय प्रशासन की चिंताएं बढ़ गई हैं। ताजा रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश भर में लगभग 29 मुख्य सड़कें यातायात के लिए पूरी तरह बंद हो गई हैं। इसके अलावा, बिजली विभाग को भी भारी झटका लगा है क्योंकि करीब 300 ट्रांसफार्मर खराब होने से कई गांव अंधेरे में डूब गए हैं। विभाग की टीमें अब युद्धस्तर पर इन सेवाओं को बहाल करने की कोशिशों में जुटी हुई हैं।

तापमान में भारी गिरावट, केलंग में बढ़ी ठंड

मौसम के इस मिजाज ने मई के महीने में भी प्रदेश में सर्दियों जैसा अहसास करा दिया है। केलंग में अधिकतम तापमान में 7.7 डिग्री सेल्सियस की बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जिससे वहां तापमान गिरकर 11.3 डिग्री रह गया है। वहीं ताबो में न्यूनतम तापमान में 5.1 डिग्री की गिरावट आई है। इसके विपरीत, शिमला और मंडी जैसे शहरों में तापमान में आंशिक वृद्धि देखी गई है, जो मौसम में आ रहे इस बड़े असंतुलन और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव को दर्शाता है।

बीआरओ की बड़ी कामयाबी: मनाली-लेह मार्ग समय से पहले बहाल

सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मनाली-लेह राजमार्ग को सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने कड़ी मशक्कत के बाद रिकॉर्ड समय में बहाल कर दिया है। पिछले साल की तुलना में इस बार यह मार्ग करीब एक सप्ताह पहले खोल दिया गया है, जो सेना की रसद आपूर्ति के लिए बेहद अहम है। माइनस डिग्री तापमान और 26 हिमस्खलन केंद्रों की चुनौतियों के बावजूद, जवानों ने महज 42 दिनों में यह असंभव कार्य पूरा किया। अब प्रशासन के साथ बैठक के बाद ही नागरिक वाहनों को अनुमति मिलेगी।

हिमांक और दीपक परियोजना का ‘गोल्डन हैंडशेक’

लेह की ओर से आ रही हिमांक परियोजना और मनाली की ओर से बढ़ रही दीपक परियोजना के अधिकारियों ने सरचू में हाथ मिलाकर मार्ग बहाली का जश्न मनाया। इस मार्ग के खुलने से न केवल चीन सीमा तक सेना की पहुंच सुगम होगी, बल्कि लाहुल-स्पीति में पर्यटन गतिविधियों को भी नया पंख लगेगा। बीआरओ कमांडर कर्नल गौरव ने बताया कि 16,040 फीट ऊंचे बारालाचा दर्रे को साफ करना सबसे कठिन चुनौती थी, जिसे टीम वर्क ने सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।

हवाई सेवाओं पर असर और 16 मई तक का पूर्वानुमान

शिमला के जुब्बड़हट्टी हवाई अड्डे पर मंगलवार को उड़ानों का कोई शेड्यूल नहीं रखा गया है, जिससे यात्रियों को परेशानी हो रही है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण 16 मई तक प्रदेश में बादल छाए रहेंगे और छिटपुट बारिश जारी रहेगी। हालांकि, बुधवार के बाद हवाओं की गति में थोड़ी कमी आने की संभावना है। चंबा और कांगड़ा जिलों के लिए विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है, जहां तेज हवाएं चलने का अनुमान है।

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