Uttarakhand News: उत्तरकाशी जिले के चिन्यालीसौड़ स्थित सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के छात्र ईशांत कोठारी ने हाईस्कूल बोर्ड परीक्षा में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। ईशांत ने अपनी कड़ी मेहनत और नियमित अध्ययन के दम पर पूरे प्रदेश की मेरिट सूची में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। मूल रूप से पौड़ी जनपद के निवासी ईशांत का सपना भविष्य में इंजीनियर बनकर राष्ट्र की सेवा करना है। उनकी इस शानदार सफलता से न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है।
सफलता का मूल मंत्र: सोशल मीडिया से दूरी और नियमित पढ़ाई
अपनी सफलता का राज साझा करते हुए ईशांत कोठारी ने बताया कि वे प्रतिदिन औसतन तीन से पांच घंटे तक एकाग्र होकर पढ़ाई करते थे। उन्होंने आधुनिक युग के सबसे बड़े अवरोध यानी सोशल मीडिया से अपनी पढ़ाई के दौरान पूरी तरह दूरी बनाए रखी। ईशांत का मानना है कि इंटरनेट मीडिया पर सक्रिय रहने के बावजूद, परीक्षा के समय उस पर समय नष्ट न करना उनकी एकाग्रता के लिए सबसे ज्यादा मददगार साबित हुआ। उन्होंने अन्य छात्रों को भी नियमित अध्ययन की सलाह दी है।
गणित के शिक्षक पिता बने प्रेरणा: ईशांत की शैक्षिक यात्रा की चुनौतियों को मात
ईशांत के पिता सुनील कोठारी उसी स्कूल में गणित के शिक्षक हैं जहाँ ईशांत पढ़ाई कर रहे थे। पिता के स्थानांतरण के कारण ईशांत की प्रारंभिक शिक्षा अलग-अलग स्थानों पर हुई। उन्होंने पांचवीं तक गैरसैंण और आठवीं तक पौड़ी में पढ़ाई की। ईशांत के अनुसार, पिता के शिक्षक होने के कारण उन्हें घर पर भी गणित जैसे कठिन विषयों में भरपूर शैक्षिक सहयोग मिला। साथ ही उनकी माता प्रियंका कोठारी ने भी उन्हें हर कदम पर बेहतर करने के लिए प्रेरित किया।
भविष्य का लक्ष्य: सेवा भाव के साथ इंजीनियर बनने का संकल्प
बोर्ड परीक्षा में प्रदेश स्तर पर दूसरा स्थान पाने के बाद अब ईशांत अपने लक्ष्य की ओर मजबूती से बढ़ रहे हैं। उनका इरादा इंजीनियरिंग के क्षेत्र में करियर बनाकर देश और प्रदेश की उन्नति में योगदान देना है। उन्होंने बताया कि शिक्षकों के मार्गदर्शन और माता-पिता के अटूट विश्वास ने उनके मनोबल को हमेशा ऊंचा रखा। ईशांत की यह कहानी उन हजारों छात्र-छात्राओं के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का साहस रखते हैं।
