कानपुर में गर्मी का प्रचंड प्रहार: एसी की रिकॉर्ड बिक्री ने तोड़े सारे आंकड़े, मैकेनिकों की भारी किल्लत

Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर में भीषण गर्मी और लू के चलते एयरकंडीशनर (एसी) के बाजार में ऐतिहासिक उछाल देखने को मिला है। पिछले एक सप्ताह में पारा चढ़ते ही इलेक्ट्रॉनिक्स शोरूम्स पर खरीदारों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। स्थानीय डीलरों और वितरकों के आंकड़ों के अनुसार, महज दस दिनों के भीतर 15 हजार से अधिक एसी यूनिट्स बिक चुकी हैं। बाजार में यह तेजी 15 अप्रैल के बाद आई है, जिसने पिछले कई सालों के रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं।

मैकेनिकों की कमी से बढ़ी परेशानी और इंस्टालेशन में देरी

एसी की अचानक बढ़ी मांग ने सर्विसिंग और फिटिंग सेक्टर में बड़ा संकट पैदा कर दिया है। शहर में एसी फिट करने वाले कुशल मैकेनिकों की जबरदस्त कमी हो गई है, जिससे नए खरीदारों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। डीलर अब मैकेनिकों को सामान्य से अधिक मेहनताना देकर काम करवा रहे हैं। स्थिति यह है कि एक टीम दिन भर में केवल दो से तीन यूनिट ही इंस्टॉल कर पा रही है, जिससे पेंडिंग ऑर्डर्स की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।

बिजली की बचत और रखरखाव के कारण एसी ने दी कूलर को मात

बाजार के जानकारों का कहना है कि इस साल कूलर के मुकाबले एसी की मांग कहीं अधिक है। उपभोक्ता अब इन्वर्टर तकनीक वाले एसी को प्राथमिकता दे रहे हैं क्योंकि ये बिजली की कम खपत करते हैं। कूलर के साथ हर साल घास बदलने, पेंट कराने और पंप की मरम्मत जैसी झंझटों से बचने के लिए लोग बजट बढ़ाकर एसी खरीद रहे हैं। कानपुर के 50 से अधिक बड़े शोरूम और एक हजार से ज्यादा छोटे दुकानदार इस समय एसी की भारी मांग से जूझ रहे हैं।

जीएसटी और कीमतों में बदलाव के बावजूद मांग बरकरार

पिछले साल सरकार द्वारा जीएसटी दरों में कटौती के बाद एसी सस्ते हुए थे, लेकिन इस साल निर्माताओं ने कीमतों में फिर से बढ़ोतरी कर दी है। दिसंबर के बाद अप्रैल में भी दो बार दाम बढ़ाए गए हैं, जिससे कीमतें दोबारा पुराने स्तर पर पहुंच गई हैं। वर्तमान में विंडो एसी 28 से 35 हजार और स्प्लिट एसी 32 से 55 हजार रुपये के बीच बिक रहे हैं। कीमतों में वृद्धि के बावजूद, गर्मी से राहत पाने के लिए लोग अपनी पसंद के अनुसार खरीदारी कर रहे हैं।

प्लास्टिक कूलर की मांग और लोहे के कूलर का गिरता बाजार

कूलर बाजार की बात करें तो इस बार लोहे की बॉडी वाले कूलर की मांग में गिरावट दर्ज की गई है। उपभोक्ता अब हल्के और पोर्टेबल प्लास्टिक कूलरों को अधिक पसंद कर रहे हैं। हालांकि, कूलर विक्रेताओं की संख्या अधिक होने के कारण सटीक आंकड़े मिलना मुश्किल है, लेकिन बड़े शोरूम्स पर कूलर की बिक्री काफी धीमी है। बाजार में छह से 15 हजार रुपये तक के कूलर उपलब्ध हैं, फिर भी लोग थोड़े अधिक पैसे खर्च कर एसी लेना बेहतर समझ रहे हैं।

SOURCE: न्यूज एजेंसी
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