Uttar Pradesh News: गोंडा जिले में होमगार्ड भर्ती परीक्षा का आयोजन बेहद उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। भीषण गर्मी और उमस की परवाह न करते हुए हजारों अभ्यर्थी परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे। प्रशासन ने सुरक्षा और पारदर्शिता के लिए पुख्ता इंतजाम किए थे। जिले के 14 परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में हुई इस परीक्षा में कुल 11040 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 8727 शामिल हुए। जिलाधिकारी और पुलिस विभाग के अधिकारियों ने लगातार केंद्रों का निरीक्षण कर शांतिपूर्ण माहौल सुनिश्चित किया।
परीक्षा केंद्रों पर उमड़ी भारी भीड़
सुबह की पहली किरण के साथ ही गोंडा के 14 चिन्हित विद्यालयों के बाहर अभ्यर्थियों का जमावड़ा शुरू हो गया था। निर्धारित समय से काफी पहले ही युवक और युवतियां केंद्रों पर पहुंच गए थे। परीक्षा केंद्रों के आसपास सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल की तैनाती रही। भीषण धूप के कारण अभ्यर्थियों के साथ आए अभिभावक पेड़ों और दुकानों की छांव में घंटों इंतजार करते दिखे। प्रशासन ने उमस को देखते हुए केंद्रों पर स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था भी सुनिश्चित की थी।
पहली और दूसरी पाली के उपस्थिति आंकड़े
भर्ती परीक्षा के आंकड़ों पर गौर करें तो पहली पाली में 5520 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इनमें से 4322 उपस्थित रहे, जबकि 1198 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। दूसरी पाली की स्थिति भी लगभग समान रही, जहां 5520 में से 4405 अभ्यर्थी उपस्थित दर्ज किए गए। कुल मिलाकर देखा जाए तो करीब 2313 अभ्यर्थियों ने इस परीक्षा से किनारा कर लिया। उपस्थिति का यह औसत दर्शाता है कि युवाओं में सरकारी सेवा को लेकर जबरदस्त प्रतिस्पर्धा और जुनून बरकरार है।
महिला अभ्यर्थियों की संख्या ने चौंकाया
इस बार होमगार्ड भर्ती परीक्षा में आधी आबादी यानी महिलाओं की भागीदारी काफी प्रभावशाली रही। परीक्षा केंद्रों पर युवतियों की लंबी कतारें उनके आत्मनिर्भर बनने के जज्बे को बयां कर रही थीं। अधिकारियों के मुताबिक, भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए कंट्रोल रूम से लाइव निगरानी की गई। ऑनलाइन सीसीटीवी के माध्यम से हर केंद्र की गतिविधि पर नजर रखी गई। पुलिस महानिरीक्षक अमित पाठक ने स्वयं व्यवस्थाओं का जायजा लिया और शांतिपूर्ण आयोजन की पुष्टि की।
अभ्यर्थियों की नजर में प्रश्नपत्र का स्तर
परीक्षा देकर बाहर निकले अभ्यर्थियों के चेहरों पर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। अधिकांश अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र के स्तर को ‘सामान्य’ और ‘संतुलित’ बताया। हालांकि, तर्कशक्ति (Reasoning) और गणित के कुछ सवालों ने छात्रों को उलझन में जरूर डाला। सामान्य ज्ञान के प्रश्नों को लेकर परीक्षार्थी काफी संतुष्ट नजर आए। एक अभ्यर्थी के अनुसार, यदि तैयारी बेहतर हो तो सफलता निश्चित है। प्रशासन की ओर से की गई चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था की भी सभी ने सराहना की।
प्रशासनिक सतर्कता और पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था
आईजी अमित पाठक ने बताया कि परीक्षा को सकुशल संपन्न कराना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती थी। गर्मी को देखते हुए अभ्यर्थियों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया। प्रत्येक केंद्र पर पर्याप्त पुलिस बल के साथ स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात रहे। संवेदनशील केंद्रों पर अतिरिक्त सतर्कता बरती गई ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न हो सके। अधिकारियों के सक्रिय निरीक्षण और डिजिटल मॉनिटरिंग के कारण पूरी परीक्षा बिना किसी अप्रिय घटना के पारदर्शी ढंग से संपन्न हो गई।
